CoronaVirus: पूरी दुनिया में कहर मचाने वाला कोरोना वायरस आखिरकार आया कहां से? अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने बुधवार को खुफिया एजेंसियों को आदेश दिया है कि कोविड-19 महामारी का जन्म स्थान तलाशने के लिए दोगुना प्रयास करने को कहा है. जो बाइडन ने एजेंसियों को कहा है कि 90 दिन के भीतर पता करें कि आखिर इस कोरोना वायरस का जन्मस्थान कहां है. इसका पता करके रिपोर्ट दें.Also Read - इजराइल में घूमिये ये 10 खूबसूरत जगहें, टूरिस्टों को अब नहीं कराना होगा RT-PCR टेस्ट

राष्ट्रपति ने कहा, यह निष्कर्ष निकालने के अपर्याप्त साक्ष्य हैं कि क्या यह किसी संक्रमित जानवर के मानवीय संपर्क से उभरा है या एक लैब दुर्घटना ने इस महामारी को जन्म दिया है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं को जांचकर्ताओं की मदद करने का निर्देश दिया और चीन से अंतरराष्ट्रीय जांचों में सहयोग करने की अपील की है. Also Read - भारत में Omicron के सब वेरिएंट BA.5 के एक और मरीज की पुष्टि, दक्षिण अफ्रीका से वडोदरा आया था शख्स

डब्ल्यूएचओ ने कहा-चीन की लैब में फिर से हो सकती है जांच 
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) उस सिद्धांत का दोबारा अध्ययन कर सकता है जिसके तहत कोरोना वायरस की उत्पत्ति चीन की वुहान लैब से हुई मानी जाती है और इसके बाद वह पूरी दुनिया में फैल गई. Also Read - Quad Leaders Summit 2022: क्वाड सम्मेलन में रूस-यूक्रेन युद्ध पर जताई गई चिंता, पीएम मोदी-जो बाइडेन ने कहीं ये बड़ी बातें...जानिए

सीएनएन के मुताबिक, चीन में जब सबसे पहले यह बीमारी फैली थी तब कोरोना वायरस के लिए जानवरों की व्यापक जांच पर चीनी डाटा की अनदेखी की गई थी और इसे डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिकों के एक स्रोत के मुताबिक वायरस उत्पत्ति की जांच का एक अहम क्षेत्र माना गया है.

एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, डब्ल्यूएचओ के जिस पैनल ने मार्च में चीन जाकर अध्ययन किया था उसकी रिपोर्ट 200 पन्नों में जारी की गई है, लेकिन उस वक्त विशेषज्ञों ने कई मुद्दों पर पूरा ध्यान नहीं दिया. ऐसे में डाटा का अधिक पारदर्शिता के साथ अध्ययन करने के लिए डब्ल्यूएचओ के वैज्ञानिक एक बार फिर इस पर अध्ययन कर सकते हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार जांच के लिए एक बड़ा जांच दल चीन जा सकता है.

अमेरिका ने चीन पर फिर बनाया पारदर्शी जांच का दबाव
कोरोना वायरस की उत्पत्ति पर अमेरिका ने एक बार फिर से चीन पर पारदर्शी जांच का दबाव बनाया है। व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार ऐंडी स्लेविट ने कहा है कि दुनिया को कोरोना महामारी की जड़ का पता लगाने की जरूरत है. उन्होंने कहा, इस मामले में चीन और डब्ल्यूएचओ को निश्चित जवाब तक पहुंचने के लिए और कोशिशें करने की जरूरत है, जबकि हमें नहीं लगता कि अभी ऐसा हो रहा है.