वाशिंगटन: अमेरिका में कामबंदी के तीन हफ्ते पूरे हो चुके हैं और ये अपने चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है. ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आर्थिक सलाहकार केविन हासेट ने बेतुका बयान देते हुए मौजूदा कामबंदी की तुलना छुट्टियों से करते हुए कहा कि छुट्टियों पर भेजे गए कामगार ज्यादा बेहतर स्थिति में हैं. सीएनएन ने हासेट के हवाले से कहा, “क्रिसमस और न्यूईयर के बीच बड़ी संख्या में सरकारी कामगार छुट्टियों पर जाने वाले ही थे और उसके बाद कामबंदी हो गई इसलिए वे काम पर नहीं जा सकते इसलिए उनकी छुट्टी है और उन्हें अपनी छुट्टियों का इस्तेमाल भी नहीं करना पड़ा. उन्होंने कहा जब वे वापस आएंगे तो उन्हें अपना वेतन भी मिल जाएगा इस लिहाज से यह उनके लिए बेहतर स्थिति है मुफ्त में छुट्टियां एन्जॉय करें. मेक्सिको दीवार के लिए फंड की मांग पर अड़े ट्रंप ने फंड मिलने तक किसी भी बिल पर हस्ताक्षर करने से मना कर रखा है.

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इतिहास की सबसे लंबी कामबंदी
गौरतलब है कि सोमवार को आंशिक सरकारी कामबंदी अपने चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है और यह अमेरिका के इतिहास की सबसे लंबी कामबंदी रही. सीएनएन के मुताबिक, कामबंदी से एक चौथाई संघीय सरकार और हजारों संघीय कर्मचारी प्रभावित हुए हैं. एक अनुमान के मुताबिक, फंडिंग रुकने से करीब 8 लाख संघीय कर्मचारी प्रभावित हुए हैं उन्हें सैलरी नहीं मिली है. अमेरिका, मेक्सिको सीमा पर दीवार के निर्माण के लिए ट्रंप की 5.7 अरब डॉलर के फंड की मांग को लेकर ट्रंप और सीनेटर्स के बीच गतिरोध कायम है. ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि वह फंड नहीं मिलने पर देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर सकते हैं लेकिन वह इसकी तुलना में कांग्रेस के साथ तालमेल बैठाना अधिक पंसद करेंगे.

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