'मांगा था पानी, मिलेगी आग...' एक नई मुश्किल में ये मुस्लिम देश, कहीं जाग न जाए 7 लाख साल से सो रहा 'शैतान'
Iranian Sleeping volcano: ईरान का एक ज्वालामुखी जिसे लंबे समय से विलुप्त माना जा रहा था, लेकिन हजारों सालों बाद उसमें फिर गतिविधि के संकेत दिखाई दे रहे हैं.
Iranian Sleeping volcano: ईरान पिछले कई महीने से पानी की समस्या से जूझ रहा है. सरकार ने यहां तक कहा है कि राजधानी तेहरान को खाली करना पड़ सकता है. पर ईरान पर आई यह एकमात्र आपदा नहीं है. नए शोध में चेतावनी दी गई है कि ईरान एक बड़े ज्वालामुखी विस्फोट का भी शिकार हो सकता है.
कौन सा है ये ज्वालामुखी
लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान-पाकिस्तान सीमा के पास ताफ्तान ज्वालामुखी स्थित है.
नए शोध में क्या बताया गया है
7 अक्टूबर को जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स जर्नल में यह शोध प्रकाशित हुआ है. इसके मुताबिक ताफ़्तान ज्वालामुखी की चोटी के पास जमीन का एक हिस्सा जुलाई 2023 और मई 2024 के बीच 10 महीनों में 3.5 इंच (9 सेंटीमीटर) ऊपर उठ गया है.
यह उभार किस चीज का संकेत
यह उभार अभी तक कम नहीं हुआ है, जिससे पता चलता है कि ज्वालामुखी की सतह के नीचे गैस का दबाव बढ़ रहा है.
विलुप्त माना जा रहा था यह ज्वालामुखी
ईरान का यह ज्वालामुखी जिसे लंबे समय से विलुप्त माना जा रहा था. जिन ज्वालामुखियों में होलोसीन युग के दौरान विस्फोट नहीं हुआ है, उन्हें विलुप्त माना जाता है, जो 11,700 साल पहले शुरू हुआ था. वहीं ताफ्तान ज्वालामुखी के बारे में माना जाता था कि यह लगभग 7.1 लाख सालों से शांत था.
स्पेन में इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरल प्रोडक्ट्स एंड एग्रोबायोलॉजी (IPNA-CSIC) के ज्वालामुखी विज्ञानी पाब्लो गोंजालेज के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि ताफ़्तान आसपास की आबादी के लिए खतरा पैदा कर सकता है. गोंजालेज का तर्क है कि हाल की भूवैज्ञानिक गतिविधि के कारण ताफ्तान को अब शांत माना जाना चाहिए. इस अध्ययन का मकसद लोगों में घबराहट पैदा करना नहीं है. यह ईरान में इस क्षेत्र के अधिकारियों के लिए एक वेक-अप कॉल है कि वे इस पर ध्यान दें.
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