गजब! कुल्फी की तरह जमी नजर आई बिल्डिंग...हवा में लटके दिखें नूडल्स, यहां पड़ रही शरीर जमा देने वाली सर्दी

Arctic blast 2026: दुनिया के कई ऐसे क्षेत्र में हाड़ कंपा देने वाली ठंड पड़ रही है. ऐसे में कई इलाकों से कुछ ऐसी तसीरें सामने आयी हैं जिसे देखने के बाद आप भी दंग रह जाएंगे.

Published date india.com Published: January 24, 2026 10:05 PM IST
Arctic blast 2026
Arctic blast 2026

Arctic blast 2026: दुनिया के उत्तरी गोलार्ध में भयानक ठंड पड़ रही है. अमेरिका, यूरोप, एशिया और रूस के कई हिस्से बर्फ और शीतलहर की चपेट में हैं. रूस की राजधानी मॉस्को में तापमान माइनस 28 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है. वहां की ऊंची इमारतें मोटी बर्फ की परत से ढक गई हैं और ऐसा लग रहा है जैसे सब कुछ जम गया हो. सोशल मीडिया पर मॉस्को के ओस्तान्किनो टॉवर की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जो कुल्फी की तरह जमी हुई नजर आ रही हैं. इसी तरह अमेरिका में भी हालात बेहद खराब हैं. वहां लोग ठंड की गंभीरता दिखाने के लिए अलग-अलग प्रयोग कर रहे हैं. यह ठंड सिर्फ देखने में अजीब नहीं है, बल्कि लोगों के जीवन और सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन गई है.

अमेरिका में ठंड का अनोखा नजारा

अमेरिका के मिनियापोलिस जैसे शहरों में तापमान माइनस 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. ठंडी हवाओं के कारण महसूस होने वाला तापमान माइनस 40 डिग्री से भी नीचे चला गया है. वहां एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है, जिसमें लोग उबले हुए नूडल्स को हवा में पकड़कर रखते हैं और वे कुछ ही सेकंड में जम जाते हैं. इसे “पास्ता एक्सपेरिमेंट” कहा जा रहा है. इससे पता चलता है कि हवा में कितनी ज्यादा ठंड है. इतनी ठंड में इंसान का बाहर रहना बेहद खतरनाक हो सकता है. कई जगह स्कूल बंद कर दिए गए हैं और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी जा रही है. सरकारें लगातार चेतावनी जारी कर रही हैं ताकि लोग इस जानलेवा ठंड से खुद को बचा सकें.

पोलर वोर्टेक्स और आर्कटिक ऑसिलेशन का असर

वैज्ञानिकों के अनुसार, इस भयंकर ठंड की मुख्य वजह पोलर वोर्टेक्स में गड़बड़ी है. पोलर वोर्टेक्स बहुत ठंडी हवा का एक बड़ा क्षेत्र होता है, जो आमतौर पर ध्रुवों के पास रहता है. लेकिन जब जेट स्ट्रीम कमजोर हो जाती है, तो यह ठंडी हवा दक्षिण की ओर फैलने लगती है. अभी आर्कटिक ऑसिलेशन का नेगेटिव फेज चल रहा है. इसका मतलब है कि आर्कटिक क्षेत्र में दबाव बढ़ गया है और ठंडी हवा बाहर की ओर निकल रही है. यही ठंडी हवा रूस, यूरोप और अमेरिका जैसे इलाकों तक पहुंच रही है. इसी कारण मॉस्को और अमेरिका में इतना ज्यादा तापमान गिर गया है और हालात असामान्य हो गए हैं.

ठंड का खतरा

इतनी भयंकर ठंड इंसानी शरीर के लिए बहुत खतरनाक है. माइनस 40 डिग्री पर त्वचा कुछ ही मिनटों में जम सकती है, जिसे फ्रॉस्टबाइट कहते हैं. इससे हाथ, पैर और चेहरा सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं. शरीर अपने जरूरी अंगों को बचाने के लिए खून की सप्लाई कम कर देता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है. इसके साथ ही इमारतों और सड़कों पर भी बुरा असर पड़ता है. लोहे और स्टील की चीजें कमजोर हो जाती हैं और पानी जमकर फैलता है, जिससे दीवारों में दरार आ सकती है. यह स्थिति हमें बताती है कि प्रकृति कितनी ताकतवर है. 2026 की यह भीषण ठंड आने वाले समय में मौसम के और भी खतरनाक रूपों की चेतावनी दे रही है.

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