सियोल: दक्षिण कोरिया की कोर्ट ने गुरुवार को भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पूर्व राष्ट्रपति ली म्युंग बक की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने ली को हिरासत में लेने का फैसला किया है. हालांकि ली ने सभी आरोपों से इनकार किया है. Also Read - अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर बोला हमला, कहा- यूपी में चरम पर है गुंडाराज और भ्रष्टाचार

कोर्ट के फैसले के मुताबिक इन आरोपों को नकारे जाने से सबूतों को नष्ट करने की संभावना बढ़ी है और ली के कई अपराध न्यायोचित ठहरे हैं. ली म्युंग बक को पिछले सप्ताह पूछताछ के लिए समन किया गया था. सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के अभियोजक कार्यालय ने सोमवार को घूस, गबन, कर चोरी सहित कई मामलों में उन्हें गिरफ्तार करने के लिए वारंट जारी करने का आग्रह किया था. Also Read - पूर्व निदेशक राकेश अस्थाना के ख‍ि‍लाफ मामले में हाईकोर्ट ने सीबीआई को लगाई फटकार

हालांकि ली ने अदालत में पेश होने से इनकार करते हुए कहा था कि वह अभियोजकों के समक्ष पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं. कोर्ट ने अभियोजकों द्वारा पेश किये हुए साक्ष्यों एंव गवाही के बाद गिरफ्तार करने का आदेश दिया है. Also Read - चिदंबरम को जमानत मिलने पर बीजेपी बोली- कांग्रेस भ्रष्टाचार का उत्सव मना रही है