बीजिंगः पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अपने चीनी समकक्ष वांग यी को ‘अत्यावश्यक’ फोन कॉल किया और पाकिस्तान तथा भारत के बीच तनाव के बारे में उन्हें अवगत कराया. चीन के विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि वांग ने कुरैशी को शांति वार्ता को प्रोत्साहित करने के लिए चीन के प्रयासों की जानकारी दी और उम्मीद दोहराई कि पाकिस्तान और भारत संयम बरतेंगे और हालात को बिगड़ने से रोकने की प्रतिबद्धता पूरी करेंगे.

भारत और पाकिस्तान के बीच बुधवार को तनाव बढ़ने के बाद कुरैशी ने फोन किया. बुधवार को पाकिस्तान ने भारत के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराने का दावा किया था. उसने भारत के एक पायलट को भी पकड़ने का दावा किया है. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘27 फरवरी, 2019 को देर रात में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री वांग यी से फोन पर अत्यावश्यक बात की और उन्हें पाकिस्तान तथा भारत के बीच हालात के बारे में जानकारी दी.’’

इससे पहले वांग ने बुधवार को चीन के वुझेन शहर में रूस, भारत और चीन (आरआईसी) के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर वांग से विस्तृत बातचीत की थी. स्वराज ने चीन के अपने समकक्ष के साथ आतंकी हमले के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया और कहा कि पुलवामा हमला पाकिस्तान द्वारा जैश-ए-मुहम्मद समूह को दी गयी छूट का सीधा परिणाम है.

सुषमा स्वराज और वांग की मुलाकात से एक दिन पहले भारत ने पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के बड़े आतंकी प्रशिक्षण शिविर को तबाह कर दिया था. गौरतलब है कि जैश प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कराने के भारत के प्रयासों को बार बार चीन ही बाधित करता रहा है जो पाकिस्तान का करीबी सहयोगी देश है.

जैश-ए-मोहम्मद को संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की सूची में पहले ही शामिल कर लिया गया है. वांग ने कुरैशी से कहा कि चीन मौजूदा तनाव को कम करने में सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा. चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ‘‘वांग ने इस बात पर भी जोर दिया कि सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सही से सम्मान होना चाहिए.’’