Asteroid 4660 Nereus: देश और दुनिया में जारी कोरोना संकट के बीच एक ‘आसमानी आफत’ ने भी चिंता बढ़ा दी है. एक ‘आसमानी आफत’ 11 दिसंबर को धरती के पास से गुजरेगी. धरती की तरफ आ रही ये ‘आसमानी आफत’ एक विशालकाय एस्टेरॉयड यानी उल्कापिंड है. इस उल्कापिंड का आकार काफी बड़ा है. वैज्ञानिकों ने इस एस्टेरॉयड का नाम 4660 Nereus रखा है. एस्टेरॉयड 4660 Nereus की लंबाई 330 मीटर है, जो ‘एम्पायर स्टेट बिल्डिंग’ की ऊंचाई से थोड़ा ही छोटा है. एस्टेरॉयड 4660 Nereus को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने एफिल टावर (Eiffel Tower) से भी बड़ा बताया है. यह एस्टेरॉयड 1082 फुट (330 मीटर) की अंतरिक्ष चट्टान है जो एक फुटबॉल मैदान जितना बड़ा है. नासा ने चेतावनी दी है कि एफिल टावर से भी बड़ा यह उल्कापिंड एक हफ्ते में पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करेगा.Also Read - धरती के करीब आ रहा है Asteroid, वैज्ञानिकों को दे सकता है चकमा, नासा ने दी चेतावनी

एस्टेरॉयड 4660 Nereus पृथ्वी की तरफ तकरीबन चार मील प्रति सेकंड की रफ़्तार से बढ़ रहा है. NASA ने इसे खतरनाक की श्रेणी में रखा है. हालांकि, ये एस्टेरॉयड पृथ्वी से 3.93 million kilometers की दूरी से गुजरेगा. यह पृथ्वी से चांद की दूरी से लगभग 10 गुना ज्यादा दूर है. फिर भी NASA ने इसे खतरा बताया है. इसके आकार और पृथ्वी से दूरी के कारण 4660 Nereus को एक संभावित खतरनाक वस्तु की श्रेणी में रखा गया है. Also Read - Cosmic Monster: जितनी ऊर्जा हमारा सूर्य एक लाख साल में छोड़ता है, उतनी तो 'ब्रह्मांडीय राक्षस' तारे ने एक बार में छोड़ दी

Asteroid 4660 Nereus को पहली बार 1982 में खोजा गया था. यह उल्कापिंड विशेष है इसलिए नहीं कि यह खतरनाक है, बल्कि इसलिए कि यह पृथ्वी के करीब से सापेक्ष आवृत्ति के साथ गुजरता है. सूर्य के चारों ओर इसकी 1.82 साल की कक्षा लगभग हर 10 साल में इसे हमारे करीब लाती है. हालांकि अंतरिक्ष की दृष्टि से इसका ‘निकट’ होना भी एक सुरक्षित दूरी है. 1982 से ही NASA और जापानी स्पेस एजेंसी JAXA इसपर नजर रखे हुए हैं. Also Read - World News: एलियंस से संपर्क साधने के लिए NASA ने भर्ती किए 24 धर्मशास्त्री, प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू हो चुका

4660 Nereus अगली बार 14 फरवरी 2060 को पृथ्वी के करीब से गुजरेगा. जब यह लगभग 1.2 मिलियन किलोमीटर (पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी से तीन गुना अधिक) की ऊंचाई पर होगा.