नई दिल्ली: कोरोना वायरस वैक्सीन की रेस में सबसे आगे चल रही ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन AstraZeneca ने अपने वैक्सीन ट्रायल को रोक दिया है. क्योंकि इस वैक्सीन के साइड इफेक्ट लोगों में दिखने लगे थे. इस बाबत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि वैक्सीन संबंधित किसी सुरक्षात्मक मामले में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए. इस दौरान WHO में कार्यरत भारतीय शोध वैज्ञानिक सौम्या स्वामिनाथन ने कहा कि कोविड 19 संबंधित वैक्सीन को सबसे पहले तो सुरक्षित होना चाहिए. हम वैक्सीन जल्द से जल्द लाने की बात कर रहे हैं. इसका यह मतलब नहीं कि सुरक्षा को नजरअंदाज किया जाए. सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए. Also Read - शर्मनाक: 65 साल की महिला ने कोरोना को हराया, पर इंजीनियर बेटे से हारी, घर में घुसने नहीं दे रहा...

सौम्या ने कहा कि वैक्सीन बनाने की प्रक्रिया में सभी उचित नियमों का पालन किया जाना चाहिए. साथ ही सुरक्षा संबंधी जांच भी होनी चाहिए. बता दें कि AstraZeneca के तीसरे ट्रायल को रोक दिया गया है. क्योंकि बीते दिनों ब्रिटेन में एक शख्स को वैक्सीन दी गई थी जिसके बाद इसके गंभीर रिएक्शन देखने को मिले हैं. इसी कारण इसके ट्रायल को रोक दिया गया है. Also Read - तबलीगी जमात को लेकर गृह मंत्रालय ने बयान जारी कर कही यह बात...

इस बाबत वैक्सीन के प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी मामले की जामंच के लिए रूटीन एक्शन है यह. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि सुनिश्चित किया जा सके की ट्रायल पूरी ईमानदारी से की जा रही है. बता दें कि दुनियाभर में बन रही सभी वैक्सीन में ऑक्सफोर्ड की AstraZeneca वैक्सीन सबसे आगे थी. यह तीसरे चरण में पहुंच चुकी थी और माना जा रहा था कि पहली वैक्सीन यही होगी लेकिन ऐसे में इसके ट्रायल को रोक देने से कोरोना का प्रभाव बढ़ने का खतरा और भी बढ़ गया है. Also Read - Lockdown Latest News: देश के इस राज्य में लगाया गया एक हफ्ते का लॉकडाउन, राजधानी भी बना कन्टेन्मेंट जोन