चांद पर पत्नी और दो बेटों की तस्वीर छोड़ आया एस्ट्रोनॉट, 54 साल बाद भी हैरान करती है कहानी
अमेरिकी एस्ट्रोनॉट चार्ल्स ड्यूक ने तस्वीर को पहले से तैयार किया था. इसे एक छोटे फ्रेम में लगाया गया था और प्लास्टिक की पारदर्शी कवर में रखा गया था. तस्वीर के पीछे उन्होंने लिखा था कि यह एस्ट्रोनॉट ड्यूक का परिवार है और वे 'प्लैनेट अर्थ' यानी पृथ्वी से आए हैं.
ये कहानी अमेरिकी एस्ट्रोनॉट चार्ल्स ड्यूक की है.
अंतरिक्ष से जुड़ी कुछ कहानियां ऐसी होती हैं, जिनमें विज्ञान के साथ इंसानी भावनाएं भी जुड़ी होती हैं. ऐसी ही एक कहानी अमेरिकी एस्ट्रोनॉट चार्ल्स ड्यूक की है. साल 1972 में Apollo 16 मिशन के दौरान ड्यूक अपने साथ अपने परिवार की एक तस्वीर चांद तक लेकर गए थे. इस तस्वीर में उनकी पत्नी डॉटी और उनके दो बेटे चार्ल्स और टॉम थे. खास बात यह थी कि ड्यूक तस्वीर को अपने साथ वापस धरती पर नहीं लाए. उन्होंने इसे चांद की सतह पर ही छोड़ दिया. तस्वीर के पीछे उन्होंने अपने परिवार को लेकर एक छोटा सा संदेश भी लिखा था.
साल 1972 में लॉन्च हुआ था मिशन
दरअसल Apollo 16 मिशन को 16 अप्रैल 1972 को अमेरिका के फ्लोरिडा से लॉन्च किया गया था. चार्ल्स ड्यूक इस मिशन में लूनर मॉड्यूल पायलट थे. उनके साथ जॉन यंग और थॉमस मैटिंगली भी मिशन का हिस्सा थे. ड्यूक और यंग चांद की सतह पर उतरे, जबकि मैटिंगली चांद की कक्षा में कमांड मॉड्यूल के साथ रहे. ड्यूक और यंग ने चांद की सतह पर करीब 71 घंटे बिताए. मिशन के दौरान दोनों एस्ट्रोनॉट्स ने चांद की मिट्टी और चट्टानों के नमूने इकट्ठा किए. उन्होंने वैज्ञानिक प्रयोग किए और चांद की सतह का अध्ययन किया. इसी दौरान चार्ल्स ड्यूक ने अपने परिवार की तस्वीर चांद की जमीन पर रखने का फैसला किया.
चांद पर छोड़ दी परिवार की तस्वीर
ड्यूक ने तस्वीर को पहले से तैयार किया था. इसे एक छोटे फ्रेम में लगाया गया था और प्लास्टिक की पारदर्शी कवर में रखा गया था. तस्वीर के पीछे उन्होंने लिखा था कि यह एस्ट्रोनॉट ड्यूक का परिवार है और वे 'प्लैनेट अर्थ' यानी पृथ्वी से आए हैं. संदेश में अप्रैल 1972 में चांद पर पहुंचने का भी जिक्र था. ये तस्वीर किसी वैज्ञानिक प्रयोग का हिस्सा नहीं थी. यह ड्यूक की निजी चीज थी, जिसे वह अपने परिवार की याद के तौर पर साथ लेकर गए थे. चांद पर इसे छोड़ने के बाद यह वहीं रह गई. NASA के रिकॉर्ड के मुताबिक ड्यूक ने चांद पर कुछ दूसरी निजी चीजें भी छोड़ी थीं, लेकिन परिवार की यह तस्वीर सबसे ज्यादा खास मानी जाती है.
अब कैसी होगी वो तस्वीर
अब सवाल है कि 54 साल बाद वह तस्वीर कैसी होगी? इसकी सही जानकारी किसी के पास नहीं है. तस्वीर को चांद से वापस नहीं लाया गया. चांद पर हवा और वातावरण नहीं है. वहां सूरज की तेज किरणें सीधे सतह पर पड़ती हैं और तापमान में भी काफी बदलाव होता है. ऐसे माहौल में तस्वीर के लंबे समय तक सुरक्षित रहने की संभावना कम है. NASA ने Apollo 16 के लैंडिंग स्थल की तस्वीरें चांद की कक्षा से जरूर ली हैं, लेकिन परिवार की इतनी छोटी तस्वीर को उन तस्वीरों में पहचानना संभव नहीं है. इसलिए यह पता नहीं है कि आज वह तस्वीर किस हालत में है.
चांद पर कदम रखने वाले दसवें इंसान
Apollo 16 मिशन 27 अप्रैल 1972 को खत्म हुआ था. चार्ल्स ड्यूक इस मिशन के दौरान चांद पर कदम रखने वाले 10वें इंसान बने. चांद पर छोड़ी गई उनके परिवार की तस्वीर आज भी इंसान के अंतरिक्ष सफर की एक भावुक याद मानी जाती है. यह कहानी बताती है कि हजारों किलोमीटर दूर चांद पर पहुंचने के बाद भी एक एस्ट्रोनॉट के दिल में अपने परिवार की याद कितनी खास थी.
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