
Tanuja Joshi
हल्द्वानी से दिल्ली के बड़े न्यूजरूम तक... तनुजा जोशी, उत्तराखंड के शांत और खूबसूरत शहर हल्द्वानी से ताल्लुक रखती हैं. देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी ... और पढ़ें
Russia-Ukraine War: रूस ने सोमवार (29 दिसंबर) को दावा किया कि यूक्रेन ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निवास पर ड्रोन हमला करने की कोशिश की. हालांकि, यूक्रेन ने इस आरोप को पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए सख्ती से खारिज कर दिया. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि यूक्रेन ने नोवगोरोड क्षेत्र में स्थित राष्ट्रपति निवास को निशाना बनाकर रात में ड्रोन हमला किया, जिसे रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने नाकाम कर दिया.
लावरोव के मुताबिक, 91 लंबी दूरी के ड्रोन मार गिराए गए और इस कथित हमले में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. उन्होंने इसे ‘राज्य प्रायोजित आतंकवाद” करार देते हुए चेतावनी दी कि रूस इसका जवाब देगा. उन्होंने कहा कि रूसी सेना ने जवाबी कार्रवाई के लिए लक्ष्य चिन्हित कर लिए हैं, हालांकि शांति वार्ता से पीछे हटने की बात नहीं कही.’ रूस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कथित हमले के समय पुतिन उस निवास में मौजूद थे या नहीं. यह निवास ऐतिहासिक रूप से कई सोवियत और रूसी नेताओं द्वारा इस्तेमाल किया जाता रहा है.
वहीं, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के दावे को ‘झूठ का एक और दौर’ बताया. उन्होंने कहा कि मॉस्को इस तरह के आरोप लगाकर शांति प्रयासों को कमजोर करना और यूक्रेन पर नए हमलों का बहाना तैयार करना चाहता है. जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस यूक्रेनी सरकारी इमारतों पर हमले की जमीन तैयार कर रहा है और उन्होंने अमेरिका से इस पर प्रतिक्रिया देने की अपील भी की.
इस बीच, जमीनी हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं. पुतिन ने रूसी सेना को यूक्रेन के जापोरिज्जिया क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करने के निर्देश दिए हैं, जहां रूसी सैनिक शहर से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर बताए जा रहे हैं.
इस बीच व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर एक ‘सकारात्मक बातचीत’ हुई है. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीन लेविट ने बातचीत के विवरण साझा नहीं किए, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने पुष्टि की कि यह कॉल सोमवार को हुई.
रूस और यूक्रेन के बीच लगातार लगाए जा रहे आरोप और जवाबी बयान यह दिखाते हैं कि दोनों देशों के बीच गहरा अविश्वास बना हुआ है, भले ही कूटनीतिक संपर्क जारी हों। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर तनाव बढ़ाने और झूठ फैलाने का आरोप लगा रहे हैं. ऐसे में जारी सैन्य कार्रवाइयों और एक-दूसरे से बिल्कुल अलग दावों के बीच तनाव कम होने की संभावनाएं फिलहाल अनिश्चित नजर आ रही हैं.
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