ISKCON called PM residence & requested his secretary to inform PM that he should speak with Bangladesh PM to end this cycle of violence: बांग्लादेश में दुर्गा पूजा समारोहों के दौरान हिंदू मंदिरों पर मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोगों की उन्‍मादी भीड़ के हमलों के लेकर भारतीय इस्‍कॉन संस्‍था के धार्मिक पदाधिकारियों ने पीएम नरेंद्र मोदी से मामले में हस्‍तक्षेप को लेकर गुहार लगाई है. कोलकाता के इस्कॉन उपाध्‍यक्ष राधारमण दास ने बताया, ”हमने प्रधानमंत्री के आवास पर फोन किया और उनके सचिव से प्रधानमंत्री को सूचित करने का अनुरोध किया कि उन्हें हिंसा के इस सिलसिले को समाप्त करने के लिए बांग्लादेश के पीएम से बात करनी चाहिए. कल लगभग 500 लोगों की भारी भीड़ हमारे मंदिर में प्रवेश कर गई. उन्‍होंने मंदिर परिसर में देवताओं की प्रतिमाओं को तोड़ा, श्रद्धालुओं को बुरी तरह से घायल कर दिया, उनमें से 2 की मृत्यु हो गई है.”Also Read - India's Policy on Taiwan: ताइवान को लेकर क्या है भारत का रुख? संसद में केंद्रीय मंत्री ने दिया जवाब

इस्कॉन उपाध्‍यक्ष राधारमण दास ने कहा, ”यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. हमने संयुक्त राष्ट्र को एक पत्र भी लिखा है और उनसे इसकी निंदा करने और बांग्लादेश में एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की अपील की है.” Also Read - जम्मू कश्मीर पर टिप्पणियों के लिए भारत ने ‘OHCHR’ पर साधा निशाना, कहा- सीमा पार आतंकवाद के कारण...

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बांग्लादेश में दुर्गा पूजा समारोहों के दौरान मुस्लिम उपद्रवियों की भीड़ ने हिंदुओं के कुछ मंदिरों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसके चलते सरकार को 22 जिलों में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती करनी पड़ी. मीडिया की खबरों में बृहस्पितवार को बताया गया कि था हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. कल बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के सैनिकों को देशभर के 22 जिलों में हिंसा को रोकने के लिए तैनात किया गया था. देश के 64 प्रशासनिक जिलों में से 22 में और अन्य कहीं भी हिंसा की रोकथाम के लिए बीजीबी के साथ अपराध रोधी रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) और सशस्त्र पुलिस को भी तैनात कर दिया गया था.

मुस्लिम उपद्रवियों की ह‍िंसा में हुई मौतें के बाद  22 जिलों में  सैन‍िक तैनात 
खबरों के अनुसार, बुधवार को कमीला की सीमा से लगे चांदपुर के हाजीगंज उपजिले में पुलिस और मुस्लिम उपद्रवियों के बीच संघर्ष के दौरान तीन लोग मारे गए, वहीं एक अन्य शख्स की बाद में मृत्यु हो गई थी. गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के सैनिकों को देशभर के 22 जिलों में हिंसा को रोकने के लिए तैनात किया गया है. कल बांग्‍लादेश के 64 प्रशासनिक जिलों में से 22 में और अन्य कहीं भी हिंसा की रोकथाम के लिए बीजीबी के साथ अपराध रोधी रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) और सशस्त्र पुलिस को भी तैनात रहने का आदेश दिया गया. अधिकारियों ने हाजीगंज में रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था, जहां अधिकारियों ने गोली लगने से चार लोगों की मौत की पुष्टि की थी. संघर्ष में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

 पुलिस ने 500 से अधिक लोगों की भीड़ पर गोलीबारी की थी 
पुलिस ने कहा कि उनके कुछ अधिकारी भी जख्मी हुए हैं, क्योंकि भीड़ ने पुलिस और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला कर दिया था और उनके वाहनों में तोड़फोड़ की थी. खबरों में बताया जा रहा है कि पुलिस ने 500 से अधिक लोगों की भीड़ पर गोलीबारी शुरू कर दी थी. हालांकि उन्होंने यह नहीं स्पष्ट किया था कि लोग पुलिस कार्रवाई में मारे गए हैं या नहीं.

सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए बड़े स्तर पर किया गया
अधिकारियों के अनुसार करीब 100 किलोमीटर दूर कमीला में दुर्गा पूजा पंडाल में कथित ईशनिंदा की घटना के बाद पुलिस को सूचित किया गया, जिसके बाद जांच शुरू की गई. कमीला, पड़ोस के हाजीगंज, हतिया और बांसखाली तटीय उप जिलों के कुछ हिस्सों में भी उपद्रवियों के मंदिरों पर हमले के बाद हिंसा भड़क गई थी. सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए बड़े स्तर पर किया गया.

उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ हिंदू मंदिरों की सुरक्षा की मांग
हिंदू धार्मिक नेताओं ने हिंसा को दुर्गा पूजा समारोहों को बाधित करने की साजिश का हिस्सा बताया और उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ हिंदू मंदिरों की सुरक्षा की मांग की है. कमीला जिला पूजा समारोह समिति के सचिव निर्मल पाल ने कहा कि एक समूह विशेष ने दुर्गा पूजा रोकने के लिए पंडाल में ईशनिंदा की गतिविधियां कीं.

कट्टरपंथी तत्वों ने  10-12 जगहों पर हिंदू मंदिरों पर हमले किए
पुलिस ने बताया कि उन्होंने अब तक हिंसा के सिलसिले में 43 लोगों को हिरासत में ले लिया है. कमीला पूजा स्थल का पहला वीडियो सोशल मीडिया पर डालने वाले लोगों को भी हिरासत में रखा गया है. पुलिस उप महानिरीक्षक अनवर हुसैन ने कमीला में मीडिया से कहा था, जांच चल रही है और हम सुरक्षा कैमरों के फुटेज को देखकर भी उपद्रवियों की पहचान कर रहे हैं. सत्तारूढ़ अवामी लीग के महासचिव और देश के सड़क परिवहन मंत्री ओबैदुल कादिर ने कहा कि कट्टरपंथी तत्वों ने राजनीतिक मकसद से 10-12 जगहों पर हिंदू मंदिरों पर हमले किए.

बांग्लादेश में 16.9 करोड़ की आबादी में करीब 10 प्रतिशत हिंदू
बता दें कि मुस्लिम बहुल बांग्लादेश की 16.9 करोड़ की आबादी में करीब 10 प्रतिशत लोग हिंदू हैं. पिछले कुछ वर्षों में छिटपुट हिंसा की घटनाएं होती रही हैं, जिनमें से ज्यादातर सोशल मीडिया के जरिये अफवाह फैलाने से हुईं.