सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के जंगल में लगी आग की तबाही के बाद अब वहां 10 हजार जंगली ऊंटों को मारने का अभियान शुरू हुआ है. ऑस्ट्रेलिया में अधिकारियों ने दावा किया है कि जंगली ऊंट बहुत अधिक पानी पीते हैं. इसके अलावा ये ऊंट साल भर में एक टन मीथेन उत्सर्जित करते हैं, जो इतनी ही कार्बन डाईऑक्साइड के बराबर है. न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार से पांच दिवसीय अभियान में 10,000 ऊंटों को मारने के लिए हेलीकॉप्टर से कुछ प्रोफेशनल शूटर भेजे गए हैं.

दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के अनंगु पीतजंतजतारा यनकुनितज्जतजरा लैंड्स (Anangu Pitjantjatjara Yankunytjatjara lands) यानी कि APY के अबॉर्जिनल नेता ने बुधवार को यह आदेश जारी किया था. इस आदेश के मुताबिक दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में हेलीकॉप्टर से कुछ प्रोफेशनल शूटर 10,000 से ज्यादा जंगली ऊंटों को मार गिराएंगे. बोर्ड के सदस्य ने कहा कि ऊंटों की बढ़ती जनसंख्या भी देश के लिए समस्या बन रही है, क्योंकि यह सूखे वाले इलाके में ज्यादा पानी पी जाते हैं. यही नहीं, यह सड़कों पर अतिरिक्त 4 लाख कारों के बराबर भी हैं.

ऑस्ट्रेलिया में जंगली ऊंट की आबादी 12 लाख से अधिक
स्थानीय लोगों ने बताया कि वे पानी की किल्लत की वजह से एसी का पानी भी स्टोर करते हैं. ऐसे में जंगली ऊंट इस पानी को पीने के लिए आ जाते हैं. ये घर के आसपास घूमते हैं और नुकसान भी पहुंचाते हैं. ऑस्ट्रेलिया में जंगली ऊंट की आबादी 12 लाख से अधिक है.