कैनबरा: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि उनकी सरकार हांगकांग के उन निवासियों को पनाह मुहैया कराने पर विचार कर रही है जिन्हें इस अर्द्ध स्वायत्त क्षेत्र में सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने के चीन के कदम से खतरा है.Also Read - Tokyo Olympics 2020 Medal Count (29 July) : जापान, अमेरिका को पछाड़ चीन बना नंबर-1, भारत को दूसरे पदक का इंतजार, टॉप-10 लिस्‍ट

मॉरिसन ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनका मंत्रिमंडल ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की तरह के ही अवसरों को मुहैया कराने पर जल्द ही विचार करेगा जिन्होंने हांगकांग वासियों को नागरिकता की पेशकश की है. Also Read - Baal Ki Chori: इंदौर से कोलकाता भेजे जा रहे बालों की हो गई चोरी, कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश

मॉरिसन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘जब हम इस पर अंतिम निर्णय ले लेंगे तो मैं आपको बताऊंगा. लेकिन अगर आप पूछ रहे हैं कि हम समर्थन देने की तैयारी कर रहे हैं? तो जवाब है : हां.’’ ब्रिटेन ब्रिटिश राष्ट्रीय विदेशी पासपोर्ट के पात्र हांगकांग के 30 लाख निवासियों को आवासन अधिकार दे रहा है जिससे वह पांच वर्षों के लिए ब्रिटेन में रह और काम कर सकेंगे. Also Read - Tokyo Olympics 2020: रुपिंदर सिंह ने दागे दो गोल; भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने स्पेन को 3-0 से हराया

ऑस्ट्रेलिया हांगकांग निवासियों को अस्थायी सुरक्षा वीजा दे सकता है जिससे वहां के शरणार्थी देश में तीन वर्षों तक रह सकेंगे. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने ऑस्ट्रेलिया से इस सुरक्षा कानून को ‘‘उचित तथा वस्तुनिष्ठ’’ परिदृश्य में देखने का अनुरोध किया.

उन्होंने बीजिंग में पत्रकारों से कहा, ‘‘हांगकांग को आड़ बनाकर चीन के अंदरुनी मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करिए और गलत रास्ते पर चलने से बचिए.’’