संयुक्त राष्ट्र: बांग्लादेश की विपक्षी पार्टियों की पिछले दस वर्षो में पहली बार चुनाव में भागीदारी की सराहना करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी दलों से चुनाव संबंधी अपनी शिकायतों का शांतिपूर्ण तरीके से निपटारा करने का आह्वान किया है. बता दें कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाले गठबंधन ने रविवार को हुए आम चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल किया है. हालांकि विपक्ष ने चुनाव को ‘‘ढोंग’’ बताते हुए खारिज किया. चुनाव के दौरान  हुई हिंसा में 18 लोगों की मौत हो गई जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

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हमले स्वीकार्य नहीं
गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफेन दुजारिक ने सोमवार को एक बयान में कहा कि संयुक्त राष्ट्र रविवार को बांग्लादेश में हुए चुनाव में हिंसक घटनाओं और अनियमितताओं की खबरों के बारे में जागरुक है. उन्होंने कहा, “हमें चुनाव अभियान और चुनाव के दिन उम्मीदवारों और मतदाताओं के मारे जाने और घायल होने का दुख है. लोगों और संपत्ति के प्रति हिंसा और हमले स्वीकार्य नहीं हैं.” उन्होंने साथ ही कहा, “हम सभी दलों से चुनाव संबंधी शिकायतों को शांतिपूर्ण और वैध तरीके से निपटाने का आग्रह करते हैं.” चुनाव में प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी पार्टी ने 300 में से 288 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की है.

ढोंग हैं चुनाव
बांग्लादेश चुनाव आयोग के सचिव हेलालुद्दीन अहमद ने बताया कि विपक्षी नेशनल यूनिटी फ्रंट (यूएनएफ) को सात सीटें मिली हैं जबकि अन्य को तीन सीटें मिली हैं. अहमद ने बताया कि एक संसदीय क्षेत्र में मतदान स्थगित कर दिया गया जबकि एक अन्य सीट का परिणाम एक उम्मीदवार की मौत के चलते घोषित नहीं किया गया. विपक्षी नेशनल यूनिटी फ्रंट ने चुनाव आयोग से चुनाव को तत्काल रद्द करने और ‘निष्पक्ष अंतरिम सरकार’ के तहत नये सिरे से चुनाव कराने की मांग की. बीडी न्यूज 24 डॉट कॉम की खबर के अनुसार, मोर्चा के प्रमुख और वरिष्ठ वकील कमाल हुसैन ने बड़े पैमाने पर हुए फर्जीवाड़े का हवाला देते हुए चुनाव को ‘ढोंग’ बताया.

फिर से चुनाव की मांग
हुसैन ने कहा, ‘‘हमारे पास सूचना है कि लगभग सभी सेंटरों पर धोखाधड़ी हुई है. (आपको चुनाव आयोग) यह चुनाव तत्काल रद्द करना चाहिए. हम तथाकथित परिणामों को खारिज करते हैं और एक निष्पक्ष सरकार के तहत नये चुनाव की मांग करते हैं.’’ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) महासचिव मिर्जा फखरूल इस्लाम आलमगीर ने चुनावों को ‘क्रूर मजाक’ बताया. वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की अनुपस्थिति में पार्टी की कमान संभाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव से साबित हुआ है कि किसी दल की सरकार के तहत मुक्त एवं निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव से साबित हुआ है कि पांच वर्ष पहले चुनाव से दूर रहने का बीएनपी का निर्णय गलत नहीं था.

नेशनल यूनिटी फ्रंट (एनयूएफ) में विपक्षी दल जैसे बीएनपी, गोनो फोरम, जातीय समाजतांत्रिक दल-जेएसडी, नागरिक ओइक्या फ्रंट और कृषक श्रमिक जनता लीग घटक शामिल हैं. सत्ताधारी गठबंधन का इस चुनाव में प्रदर्शन 2008 से अच्छा है जब उसे 263 सीटें मिली थीं. 12 वर्षों से सत्ता से बाहर रहने वाली बीएनपी ने 2014 में 10वें आम चुनाव का बहिष्कार किया था. बीएनपी विपक्षी गठबंधन का हिस्सा है. (इनपुट एजेंसी)

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