
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
बांग्लादेश में शेख हसीना (Sheikh Hasina) सरकार के तख्तापलट के डेढ़ साल बाद फिर से चुनाव होने जा रहे हैं. छात्र आंदोलन के हिंसक हो जाने और सेना के दबाव में आकर शेख हसीना ने 5 अगस्त 2024 को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था. उसी दिन ढाका छोड़कर भारत आ गई थीं. तब से वह नई दिल्ली में भारत की राजनीतिक शरणार्थी के तौर पर रह रही हैं. अब बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव (Bangladesh General Elections 2026) होने जा रहे हैं.
बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC of Bangladesh) एएमएम नासिरउद्दीन ने गुरुवार को आम चुनाव की तारीखों का ऐलान किया. हसीना के देश छोड़ने के बाद से नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार चल रही है.
जुलाई चार्टर पर होगा जनमत संग्रह
चुनाव की तारीख यानी 12 फरवरी 2026 को ही ‘जुलाई चार्टर’ को लेकर जनमत संग्रह किया जाएगा. जुलाई चार्टर संवैधानिक और राजनीतिक सुधार का एक दस्तावेज है. इसमें 26 पॉइंट हैं. इनका मकसद देश की राजनीति और शासन व्यवस्था में बदलाव लाना है.
बांग्लादेश की संसद में कितनी सीटें?
बांग्लादेश की संसद का नाम जातीय संसद है. अंग्रेजी में इसे ‘हाउस ऑफ द नेशंस‘ कहते हैं. इसमें कुल 350 सीटें हैं. इनमें से 50 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हैं. जातीय संसद एक सदनीय होती है. यानी यहां राज्यसभा (Upper House) का प्रावधान नहीं है.
चुनाव का प्रोसेस क्या है?
बांग्लादेश में भी भारत के लोकसभा चुनाव जैसी ही चुनावी प्रक्रिया है. यहां संसद सदस्यों का चुनाव भारत की तरह ही फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट सिस्टम के जरिए होता है. इसका मतलब है कि जिस उम्मीदवार को एक वोट भी ज्यादा मिलेगा, उसी की जीत होगी. चुनाव के नतीजे आने के बाद सबसे बड़ी पार्टी या गठबंधन के सांसद अपना नेता चुनते हैं. वही आगे जाकर प्रधानमंत्री बनते हैं.
आखिरी बार चुनाव कब हुए?
बांग्लादेश में हर 5 साल में चुनाव कराने का प्रावधान है. आखिरी बार 7 जनवरी 2024 को ही आम चुनाव हुए थे. तब शेख हसीना के नेतृत्व वाली आवामी लीग ने चौथी बार चुनाव जीता था. आवामी लीग ने 224 सीटें जीतीं, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने 62 सीटें जीती थीं. हालांकि, जून-जुलाई से छात्रों का आंदोलन शुरू हो गया. अगस्त की शुरुआत तक अराजकता की स्थिति पैदा हो गई थी.
क्या इस बार इलेक्शन में आवामी लीग हिस्सा लेगी?
बांग्लादेश में होने वाले चुनाव में हसीना की पार्टी हिस्सा नहीं ले पाएगी. क्योंकि आवामी लीग का रजिस्ट्रेशन मई 2025 में रद्द कर दिया गया है. शेख हसीना के लिए 2 मामलों में सजा का ऐलान हो चुका है. आवामी लीग के कई बड़े नेताओं को अंतरिम सरकार गिरफ्तार कर चुकी है. इसके साथ ही अवामी लीग के चुनाव लड़ने और राजनीतिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है.
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