Bangladesh Hindus Fear Durga Puja Sheikh Hasina Son Concern
हिंदुओं ने बांग्लादेश में डर के साये में मनाई दुर्गा पूजा, शेख हसीना के बेटे का बयान—'सब खतरे में हैं'
बांग्लादेश में पिछली साल की तरह ही इस बार भी दुर्गा पूजा का उत्सव फीका रहा. यहां हिंदूओं ने डर और अनिश्चितता के साये में इस त्योहार को मनाया. जिसके बाद शेख हसीना के बेटे साजेब वाजेद ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई.
Durga Puja Bangladesh: बांग्लादेश में इस साल भी दुर्गा पूजा का पर्व धार्मिक तनाव और हिंसा की घटनाओं के बीच मनाया गया. जिसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे साजेब वाजेद ने अंतरिम सरकार पर हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित न करने के आरोप लगाए. बता दें कि बांग्लादेश की आठ प्रतिशत आबादी वाले हिंदू समुदाय ने इस दिवस पर मां दुर्गा की पूजा तो की पर मंदिरों पर लगातार हो रहे हमले, मूर्ति तोड़फोड़ और धमकियों के चलते इस उत्सव की रौनक एक बार फिर फीकी पड़ गई.
हिंदूओं में असुरक्षा की भावना होगी गहरी
साजेब वाजेद ने कहा कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को रोकने में नाकाम रही है, जिसके कारण मंदिरों पर हमले और पूजा पंडालों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं. इसके बाद वाजेद ने चिंता जताते हुए कहा कि कि यदि ये स्थिति जारी रही, तो बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्ष छवि को गहरा नुकसान पहुंचेगा, और हिंदू समुदाय के बीच असुरक्षा की भावना और गहरी होगी.
कट्टरपंथियों का उदय
साजेब वाजेद ने आगे कहा, ‘दुर्गा पूजा भक्ति और उत्सव का समय है, यह त्योहार अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है. लेकिन इस साल भी हमारे हिंदू भाई-बहन बांग्लादेश में पूजा को भय और अनिश्चितता के माहौल में मना रहे हैं. यूनुस सरकार के तहत कट्टरपंथियों का उदय धार्मिक उत्पीड़न की पुरानी छाया को वापस ला रहा है.’
अब और ताकतवर हो गए है कट्टरपंथी
साजेब वाजेद ने ये भी बताया कि इस दौरान मंदिरों पर हमले हुए, परिवारों को धमकाया गया और स्वतंत्र रूप से पूजा करने का अधिकार एक बार फिर खतरे में है.
वाजेद ने कहा कि वही कट्टरपंथी, जिन्होंने कभी बांग्लादेश की आज़ादी का विरोध किया था, अब और अधिक साहसिक हो गए हैं और 1971 के स्वतंत्रता संग्राम की भावना बनाए रखने वालों में आतंक फैला रहे हैं. ‘धर्मनिरपेक्षता और समानता हमारी राजनीति का मूल सिद्धांत रहे हैं, क्योंकि बांग्लादेश एकता के दृष्टिकोण से पैदा हुआ था, विभाजन से नहीं। आज जब हमारे हिंदू भाई-बहन मां दुर्गा की पूजा कर दीप जलाते हैं, तो हम इस डर के माहौल को नजरअंदाज नहीं कर सकते. लेकिन हमें यह भी पता है कि यह अंधकार स्थायी नहीं है.’
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.