
Farha Fatima
फ़रहा फ़ातिमा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस से ग्रेजुएशन के बाद पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2015 में LIVE India में इंटर्नशिप से की. प्रारंभिक दौर में ही उन्होंने जामिया ... और पढ़ें
बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को संसदीय चुनाव होने जा रहे हैं. यह चुनाव अगस्त 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले बड़े आंदोलन (मानसून क्रांति) के बाद शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद पहला राष्ट्रीय चुनाव होगा. इस आंदोलन में सैकड़ों मौतें हुईं और हसीना को देश छोड़कर भारत भागना पड़ा. उसके बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार सत्ता में आई, जिसने सुधारों की प्रक्रिया शुरू की. यह चुनाव ऐतिहासिक है क्योंकि यह लगभग दो दशकों बाद पहला ऐसा चुनाव माना जा रहा है जो वास्तव में प्रतिस्पर्धी हो सकता है. लगभग 12.77 करोड़ पंजीकृत मतदाता 300 संसदीय सीटों के लिए वोट डालेंगे. एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह (रेफरेंडम) भी होगा, जिसमें प्रधानमंत्री के कार्यकाल सीमा, द्विसदनीय संसद जैसी संवैधानिक सुधारों पर मतदान होगा.
मतदान 12 फरवरी को होगा और गिनती उसी दिन. शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी, जो 2008 से 2024 तक सत्ता में रही और पिछले चार चुनाव जीती, इस बार चुनाव में भाग नहीं ले रही. अंतरिम सरकार ने मई 2025 में पार्टी की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया और चुनाव आयोग ने उसकी पंजीकरण निलंबित कर दिया. नवंबर 2025 में अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल ने हसीना को अनुपस्थित में मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मौत की सजा सुनाई. पार्टी पर 2024 के विरोध प्रदर्शनों में हिंसा भड़काने का आरोप है. इसलिए अवामी लीग प्रतिबंधित है और उसके समर्थक प्रभावी रूप से वंचित हैं.
इस बार मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधनों के बीच है. BNP को सबसे आगे दिखाया जा रहा है. विभिन्न सर्वेक्षणों में BNP को 47-70% तक समर्थन मिला है, जबकि जमात-ए-इस्लामी को 19-22% के आसपास.
BNP का तारिक रहमान नेतृत्व कर रहे हैं, जो जियाउर रहमान और खालिदा जिया के बेटे हैं. जियाउर रहमान बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की हत्या के बाद 1977-1981 तक राष्ट्रपति रहे और BNP की स्थापना की. खालिदा जिया उनकी पत्नी थीं, जो 1991, 2001 में प्रधानमंत्री बनीं. तारिक रहमान लंबे समय से लंदन में निर्वासित थे (भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण), लेकिन दिसंबर 2025 में वापस लौटे.
जनवरी 2026 में खालिदा जिया की मृत्यु के बाद वे BNP के चेयरमैन बने. सवाल है क्या तारिक जियाउर-खालिदा की विरासत बचा पाएंगे? BNP को “पुरानी राजनीति” का दल माना जाता है, जिसमें आंतरिक कलह, उम्मीदवार चयन पर विवाद और स्थानीय स्तर पर जबरन वसूली के आरोप लगे हैं. कई लोग इसे अवामी लीग जैसा ही मानते हैं. लेकिन तारिक ने “लोगों की सत्ता”, रोजगार सृजन (1.8 महीने में 1 करोड़ नौकरियां), स्वतंत्र न्यायपालिका, महिला सशक्तिकरण और “अर्थव्यवस्था आधारित विदेश नीति” का वादा किया है.
द इकोनॉमिस्ट जैसे मीडिया उन्हें अगला प्रधानमंत्री मान रहे हैं. हालांकि, जमात-ए-इस्लामी मजबूत चुनौती दे रही है, जो इस्लामी मूल्यों पर जोर देती है. चुनाव में हिंसा की आशंका है, खासकर BNP और जमात के बीच. अवामी लीग के कुछ नेता BNP के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं, लेकिन पार्टी बहिष्कार की बात कर रही है. यह चुनाव बांग्लादेश की लोकतंत्र की बहाली और सुधारों का परीक्षण होगा.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.