ढाका: बांग्लादेश के विदेश मंत्री ए के अब्दुल मोमिन ने भारत के साथ अपने देश के संबंधों को ऐतिहासिक और ‘चट्टान की तरह मजबूत’ करार देते हुए शनिवार को कहा कि इन्हें कोई भी चीज नुकसान नहीं पहुंचा सकती. मोमिन ने कहा कि बांग्लादेश के भारत और चीन के साथ संबंधों के परिप्रेक्ष्य अलग-अलग हैं और इनकी तुलना नहीं की जा सकती. Also Read - मिसाल: पति ने जमीन बेचकर पत्नी के लिए खरीदा 16.5 लाख टका में हाथी, इसी को प्यार कहते हैं...

मोनिन ने 1971 के मुक्ति संग्राम के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिये भारतीय सीमा से लगे पश्चिमी मेहरपुर में एक स्मारक का दौरा करने के बाद यह बात कही. उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘हमें समान दृष्टिकोण से संबंधों की तुलना नहीं करनी चाहिये.’ Also Read - लद्दाख गतिरोध: भारत-चीन ने जारी किया संयुक्त बयान, फ्रंटलाइन पर और जवान नहीं भेजेंगे दोनों देश, जारी रहेगी वार्ता

मोमिन ने कहा, ‘भारत के साथ हमारे संबंध ऐतिहासिक….चट्टान की तरह मजबूत हैं; यह खून का रिश्ता है जबकि चीन के साथ मुख्य रूप से आर्थिक संबंध हैं.’ उन्होंने कहा, ‘हमारी जीत भारत की जीत है. हमारा विकास भारत का विकास है….इस (बांग्लादेश-भारत) संबंध को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता.’ Also Read - लद्दाख सीमा विवाद: ‘चाइना स्टडी ग्रुप’ की करीब 90 मिनट तक चली बैठक, रक्षा मंत्री से लेकर सेना प्रमुखों ने की तैयारियों की समीक्षा

मंत्री से भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर दोनों देशों के साथ बांग्लादेश के संबंधों के बारे में पूछा गया था, जिसपर उन्होंने यह टिप्पणी की. मोमिन ने भारत के साथ मौजूदा संबंधों को ‘शानदार’ करार देते हुए कहा कि दोनों देश अगले साल बांग्लादेश की आजादी की 50वीं सालगिरह मनाने के लिये तैयार हैं.

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और भारत ने जल बंटवारे के मुद्दे पर बातचीत आगे बढ़ाते हुए भूमि और समुद्री सीमाओं तथा सुरक्षा जैसे द्विपक्षीय मुद्दों को हल किया है. मोमिन ने कहा, ‘हालांकि कुछ मुद्दे बाकी हैं…हम उन्हें भी सुलझा लेंगे.’ उन्होंने भारत और चीन के बीच तनाव पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि ‘यह उनका विषय है, हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है.’ मोमिन ने कहा कि बांग्लादेश का ध्यान दोनों देशों के साथ रिश्तों को बनाए रखते हुए अपने विकास पर केंद्रित है.

(इनपुट भाषा)