जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले चीन के एअरपोर्ट पर शनिवार को चीन और अमेरिका के अधिकारियों के बीच कहासुनी हो गई थी। उसमें चीन ने टिप्पणी की थी हम अमेरिका के लिए अपने मूल्य नहीं छोड़ सकते। चीन के इस रवैये के बाद अमेरिका और चीन के बीच थोड़ी तनातनी का माहौल बना हुआ है। दरअसल एअरपोर्ट पर तनातनी के दो मामले सामने आए। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने आज इस मामले पर चीन को आड़े हाँथों लिया है।

ओबामा ने आज इस मामले पर कहा कि इस घटना से पता चलता है कि चीन और अमेरिका के मूल्योंं में कितना अंतर है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन के अधिकारियों के बीच मीडिया की एंट्री, प्रेस की आजादी और मानवाधिकार जैसे मुद्दों पर हुई बहस दोनों देशों के नजरिए में अंतर को उजागर करता है। न्यूज एजेंसी ने लिखा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री थेरेसा मे के साथ एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि चीन के लिए ये पहली घटना नहीं है। हम इस बात को अहम मानते हैं कि जो हम कर रहे हैं उस तक प्रेस की पहुँच हो।

यह भी पढेंः नरेंद्र मोदी ने शी जिनपिंग के साथ चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का मुद्दा उठाया

मूल्यों वाली बात का जवाब देते हुए ओबामा बोले कि जब हम ऐसे दौरे करते हैं तो अपने आदर्शों और मूल्यों को छोड़कर नहीं आते। चीन के प्रेसिडेंट के साथ बातचीत में भी मतभेद जाहिर हुए हैं। इस बयान के साथ ओबामा ने यह भी कहा कि चीनी अफसरों के साथ एअरपोर्ट पर बातचीत वाले मामले को ज्यादा बढ़ावा नहीं देना चाहिए।

एअरपोर्ट पर क्या हुआ?
समाचार एजेंसी के अनुसार चीन के एअरपोर्ट पर चीन और अमेरिका के बीच तनातनी के दो मामले सामने आए। रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिकी प्रेसिडेंट बराक ओबामा एअरपोर्ट पहुँचने वाले थे। तभी रनवे पर कुछ अमेरिकी रिपोर्टर्स पहुँच गए। चीनी अधिकारी ने अमेरीकी अधिकारी से उन्हें हटाने के लिए कहा और चीख पड़ा। अमेरिकी अधिकारी के जवाब पर उसने कहा कि ये हमारा देश है इसलिए हमारे हिसाब से चलना पड़ेगा। इसके बाद एक सानियर अफसर ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया। यही मामला काफी तूल पकड़ रहा है जिसके बाद बराक ओबामा ने अपनी बात रखी है।