दमिश्क: सीरिया के विद्रोही इलाकों में हुए रासायनिक हमलों के लिए अमेरिका द्वारा असद सरकार को जिम्मेदार ठहराए जाने के बाद राष्ट्रपति बशर अल असद अपने बचाव में उतरे हैं. उन्होंने रविवार को कहा कि सीरियाई सरकार के खिलाफ रासायनकि हमले करने का आरोप ‘पश्चिमी झूठ के शब्दकोश’ का एक भाग है. सरकारी समाचार एजेंसी सना की रिपोर्ट के मुताबिक, असद ने राजधानी दमिश्क में ईरान के विदेश मंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहायक हुसैन जाबरी अंसारी से मुलाकात के बाद यह बयान दिया. उन्होंने कहा रासायनिक हथियारों के प्रयोग का आरोप केवल ब्लैकमेल करना है, ताकि पश्चिमी देश सीरियाई सेना पर हमला जारी रख सकें.Also Read - PoK वाले बयान पर बोलीं कंगना रनौत- मुझे मुंबई को पीओके की जगह 'सीरिया' कहना चाहिए था

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पश्चिमी देशों ने हाल ही में सीरियाई सेना पर विद्रोहियों के विरुद्ध दोबारा रासायनकि हथियार का इस्तेमाल, खासकर विद्रोहियों के गढ़ पूर्वी घौता में, करने का आरोप लगाया है. Also Read - बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास दागे गए रॉकेट, हताहत की कोई सूचना नहीं

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असद ने यह भी कहा कि सीरिया के खिलाफ मानवीय नामों की आड़ में पश्चिमी मीडिया का और वहां के राजनीतिक अभियान का एकमात्र उद्देश्य ‘तगड़ा झटका खा चुके आतंकवादियों को फिर से स्थापित करना’ है. उन्होंने कहा, “पश्चिमी विमर्श में मानवता के बारे में किसी बातचीत का एक ही मतलब है कि सीरियाई सेना बढ़त बना रही है.”

असद ने कहा, “वास्तव में, अमेरिकानीत आतंकरोधी गठबंधन बेशर्मी के साथ आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) और अल-कायदा से जुड़े नुसरा फ्रंट का समर्थन कर रहा है.”

बता दें अमेरिका का कहना है कि जनवरी की शुरुआत से सीरिया के विद्रोही इलाकों में कम से कम छह क्लोरीन हमले हुए हैं, जिनमें दर्जनों लोग घायल हो गए. लेकिन सीरिया की असद सरकार ने इससे इनकार किया है. इस मामले पर अमेरिका का समर्थन करते हुए फ्रांस ने यहां तक कह दिया था कि अगर सीरिया में आम नागरिकों के खिलाफ रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के सबूत मिले तो वह वहां पर हमला कर देगा.