काठमांडोः नेपाल में मंगलवार को राष्ट्रपति चुनावों के लिए मतदान हुआ जिसमें मौजूदा राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी (55) दूसरी बार निर्वाचित हुई हैं. वह देश की पहली महिला राष्ट्रपति हैं. मीडिया की खबरों में यह जानकारी दी गई.काठमांडो पोस्ट ने खबर दी है कि भंडारी का समर्थन सत्तारूढ़ सीपीएन-यूएमएल और सीपीएन (माओवादी सेंटर) वाम गठबंधन, संघीय समाजवादी फोरम-नेपाल और अन्य छोटे दल कर रहे हैं. भंडारी का मुकाबला नेपाली कांग्रेस की नेता कुमारी लक्ष्मी देवी से था. Also Read - नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी की मीटिंग सोमवार तक के लिए टली, PM ओली पर होना था फैसला

चुनावों में वोट डालने के लिए संघीय संसद के कुल 334 सदस्य जिनमें हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के 275 और नेशनल असेंबली के 59 सदस्य मतदान के योग्य हैं. इसके अलावा प्रांतीय विधानसभाओं के 550 सदस्य भी राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करते हैं. नेपाल में 2008 में राजशाही के खात्मे के बाद यह तीसरा राष्ट्रपति चुनाव था. Also Read - भारत विरोधी टिप्‍प्‍णी का मामला: नेपाल में पीएम ओली के भविष्‍य पर आज होगा फैसला

विद्या देवी भंडारी ने 1979 में एक वामपंथी छात्र आंदोलन से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद वह सीपीएन- यूएमएल की सदस्य बनीं. इस दौरान वे अंडरग्राउंड हो गईं और उन्होंने मोरंग जिले से पार्टी विहीन पंचायत तंत्र के खिलाफ संघर्ष किया.

कम्युनिस्ट नेता मदन भंडारी से  की थी शादी
विद्या भंडारी ने प्रसिद्ध कम्युनिस्ट नेता मदन कुमार भंडारी से शादी की. 1993 में एक सड़क हादसे में मदन की संदिग्ध मौत के बाद राजनीति में विद्या की दूसरी पारी शुरू हुई. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री कृष्णप्रसाद भट्टाराई के खिलाफ चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. वह एक साल तक सांसद रहीं. उन्होंने 1994 और 1999 में लगातार दो संसदीय चुनाव भी जीते.