क्या है बर्थ टूरिज्म जिस पर डोनाल्ड ट्रंप ने लगाई रोक? प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए अमेरिकी वीजा पर सख्ती

यह फैसला 2020 की नीति का दोहराव है जो अब ज्यादा सख्ती से लागू की जा रही है. बर्थ टूरिज्म को रोकना ट्रंप की इमिग्रेशन पॉलिसी का हिस्सा है, क्योंकि वे इसे इमिग्रेशन का दुरुपयोग मानते हैं.

Published date india.com Updated: December 13, 2025 2:57 PM IST
डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दिन पर दिन ऐसे फैसले ले रहे हैं, जिससे अमेरिका में दूसरे देश के लोगों का रहना कम हो, इमिग्रेशन नीतियां सख्त की जा रही हैं. इसके लिए वे वहां के वीजा नियमों को सख्त कर रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने दिसंबर 2025 में बर्थ टूरिज्म को रोकने के लिए एक नीति का दोहराव और सख्ती से लागू करने की चेतावनी दी है.

बर्थ टूरिज्म क्या है?

बर्थ टूरिज्म (Birth Tourism) में गर्भवती विदेशी महिलाएं अमेरिका टूरिस्ट वीजा (B-1/B-2) पर जाती हैं, वहां बच्चे को जन्म देती हैं, ताकि बच्चा अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के तहत स्वतः अमेरिकी नागरिक बन जाए, इसे बर्थराइट सिटीजनशिप कहते हैं. इससे बच्चे को अमेरिकी पासपोर्ट और अन्य लाभ मिलते हैं. मुख्य रूप से चीन, रूस, नाइजीरिया और हाल के वर्षों में भारत से ऐसी महिलाएं जाती रही हैं.

ट्रंप की पुरानी नीति

ट्रंप के पहले कार्यकाल जनवरी 2020 में स्टेट डिपार्टमेंट ने एक नियम लागू किया था, जिसमें ये बात थी कि कांसुलर अधिकारी अगर मानें कि टूरिस्ट वीजा का मुख्य उद्देश्य अमेरिका में बच्चे को जन्म देना है, तो वीजा अस्वीकार कर सकते हैं.गर्भवती महिलाओं से प्रेग्नेंसी के बारे में सीधे पूछना जरूरी नहीं, लेकिन अगर संदेह हो जैसे विजिबल प्रेग्नेंसी या अन्य संकेत तो वीजा डिनाई कर सकते हैं. यह नियम अभी भी लागू है और बाइडेन प्रशासन में भी जारी रहा.

दिसंबर 2025 में क्या हुआ?

11 दिसंबर 2025 को भारत में अमेरिकी दूतावास ने X (ट्विटर) पर एक पोस्ट किया, ‘U.S. consular officers will deny tourist visa applications if they believe the primary purpose of travel is to give birth in the United States to obtain U.S. citizenship for the child. This is not permitted.’

यह पोस्ट भारतीय आवेदकों को लक्ष्य करके जारी की गई, क्योंकि हाल के वर्षों में भारतीयों से बर्थ टूरिज्म के मामले बढ़े हैं. यह मौजूदा नियम की रिमाइंडर और सख्ती से लागू करने की चेतावनी है. ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में इमिग्रेशन नीतियां सख्त हो रही हैं, इसलिए इस पर जोर दिया जा रहा है.

क्यों यह खबर चर्चा में है?

ट्रंप ने 2025 में बर्थराइट सिटीजनशिप को सीमित करने का एक्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया था, जो कोर्ट में चुनौती के कारण ब्लॉक है और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

प्रभाव क्या होगा?

  • गर्भवती महिलाओं (खासकर विजिबल प्रेग्नेंट) के वीजा आवेदनों पर ज्यादा जांच.
  • अगर संदेह हुआ तो डिनाई, और अपील का कोई आसान रास्ता नहीं.
  • पहले से वीजा हो तो एंट्री पर कस्टम्स अधिकारी रोक सकते हैं.
  • मेडिकल ट्रीटमेंट या अन्य वैध कारण होने पर वीजा मिल सकता है, लेकिन प्रूफ देना पड़ेगा.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें America की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.