क्वेटा (पाकिस्तान): पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) ने रविवार को बलूचिस्तान की प्रांतीय राजधानी क्वेटा में अपनी तीसरी बड़ी रैली का आयोजन किया और सरकार की जमकर आलोचना की. इसके बाद अब प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार ने पीडीएम के एजेंडे पर सवाल उठाते हुए पटलवार किया है. इमरान ने कहा कि क्या विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे पर काम कर रही है. Also Read - मैं पार्टी में जाति, धर्म आधारित प्रकोष्ठ के पक्ष में नहीं हूं: नितिन गडकरी

पीडीएम पाकिस्तान की प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों समेत कुल 11 विपक्षी राजनीतिक दलों का एक महागठबंधन है, जो कि इन दिनों पाकिस्तान के विभिन्न इलाकों में सरकार के विरोध में रैलियां कर रहा है. हाल के दिनों में पीडीएम सरकार इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार के लिए सिरदर्द बना हुआ है. Also Read - हैदराबाद का यह भाग्‍यलक्ष्‍मी मंदिर नगर निगम की चुनावी जंग के बीच क्‍यों बना सुर्खियों का केंद्र

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री जाम कमाल खान एलियानी ने जमीयत-उलेमा-ए-पाकिस्तान (जेयूपी) के नेता ओवैस नूरानी द्वारा पीडीएम की क्वेटा रैली में दिए भाषण पर गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने नूरानी द्वारा की गई उस मांग पर चिंता व्यक्त की, जिसमें उन्होंने बलूचिस्तान को एक अलग राष्ट्र बनाने की बात की थी. जाम कमाल ने एक ट्वीट में पीडीएम नेतृत्व के इरादों पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा, “यह पीडीएम या फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक सार्वजनिक बैठक थी.” उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, “पीडीएम क्वेटा में बलूचिस्तान को अलग राष्ट्र बनाने को कह रहा है. ..ओवैस नूरानी.. यह किसका नैरेटिव है, जिसे पीडीएम यहां कर रहा है. क्या यह भाजपा का जलसा है या पीडीएम का?” Also Read - रोहिंग्या शरणार्थी के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने असदुद्दीन ओवैसी पर किया पलटवार

कमाल ने पीडीएम नेताओं को दुश्मन (भारत) के नैरेटिव का उपयोग करने के लिए महागठबंधन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह बलूचिस्तान प्रांत को अस्थिर करने की दिशा में काम कर रहा है. कमाल ने कहा, “पीडीएम नेतृत्व की सोच से पता चलता है कि वे बलूचिस्तान को एक छोटा प्रांत मानते हैं. बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है.” कमाल का यह बयान क्वेटा में पीडीएम की रविवार की सार्वजनिक रैली की प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आया है, जहां इसके नेताओं ने प्रांत के लंबे समय से लंबित मुद्दों पर प्रकाश डाला था.

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की नेता और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ ने अपनी पार्टी के ‘वोट को इज्जत दो’ के नारे को दोहराया, जिसका अर्थ है कि वोट का सम्मान करें. उन्होंने कहा कि इसी कारण से बलूचिस्तान के लोगों को उनके मूल अधिकारों से वंचित किया गया है, क्योंकि लोगों के वोट का सम्मान नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि इस प्रांत में शासक अपने लोगों के प्रति जवाबदेह नहीं रहे हैं. मरियम नवाज ने प्रांत में लोगों के गायब होने पर भी अचरज जाहिर किया और इसे लेकर सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “अब पति और भाई लापता नहीं होंगे.”

पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने वीडियो लिंक के जरिए दर्शकों से बात की. उन्होंने कहा, “कोई भी वोट की पवित्रता को रौंदने में सक्षम नहीं होगा.” नवाज शरीफ ने एक बार फिर देश के सैन्य प्रतिष्ठान पर संविधान का उल्लंघन करने और ‘2018 के चुनावों में धांधली करने और राजनीति में हस्तक्षेप करने’ का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, “देश की नियति को बदलने का समय आ गया है. मैं असंवैधानिक शक्तियों के सामने खड़ा हं, जो देश की स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं. ईश्वर उनकी मदद करता है, जो खुद की मदद करते हैं.”

गिलगित-बाल्टिस्तान (जीबी) से वीडियो लिंक के जरिए रैली को संबोधित करने वाले पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी ने प्रधानमंत्री इमरान खान पर ‘देश की खुफिया एजेंसियों और पाकिस्तान रेंजर्स’ को अपनी ‘टाइगर फोर्स’ में बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाया. बिलावल ने कहा, “जो लोग विपक्षी गठबंधन तोड़ने का सपना देख रहे हैं, वे कभी सफल नहीं होंगे. हम उनमें से नहीं हैं, जो अपने रुख से पीछे हटते हैं.” हालांकि, नूरानी के बयान से सत्तारूढ़ सरकार के नेताओं के बीच गुस्सा फूट पड़ा है, जो अब पीडीएम गठबंधन पर भारत और नरेंद्र मोदी के पाकिस्तान-विरोधी एजेंडे पर काम करने का आरोप लगा रहे हैं.