मोगादिशू। सोमालिया की राजधानी में हुए अभी तक के सबसे शक्तिशाली विस्फोट में करीब 300 लोग मारे गए और 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए. मृतकों की संख्या में इजाफा होने की आशंका है. देश के सूचना मंत्री ने आज यह जानकारी दी. मृतकों की संख्या में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है. एक ट्वीट में सोमालियाई नेता अब्दीरहमान उस्‍मान ने हमले को बर्बर करार दिया. उन्होंने बताया कि तुर्की और केन्या सहित कई देशों ने चिकित्सा सहायता की पेशकश की है. विदेश मंत्रालय सहित महत्वपूर्ण मंत्रालयों के निकट व्यस्त चौराहे को निशाना बनाकर किए गए ट्रक बम विस्फोट के बाद अस्पतालों में भारी भीड़ लग गई है.

विस्फोट स्थल पर बड़ी संख्या में गुस्साए लोग एकत्रित हुए. सोमालिया सरकार ने हमले को ‘राष्ट्रीय आपदा’ करार देते हुए अल-कायदा से जुड़े चरमपंथी गुट अल-शबाब को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया. अफ्रीका का यह घातक चरमपंथी समूह पहले भी कई बार राजधानी के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को निशाना बना चुका है. बहरहाल, अभी तक हमले को लेकर उसने कोई टिप्पणी नहीं की है.

ट्रंप प्रशासन और नवनिर्वाचित सोमालियाई राष्ट्रपति के प्रशासन ने इस साल के शुरू में अल-शबाब के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज करने की घोषणा की थी. इस घोषणा के बाद अल-शबाब ने अपने हमले तेज करने का संकल्प जाहिर किया था. सोमालिया में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत माइकल कीटिंग ने इस हमले की निंदा की है.  अमेरिका, लंदन और फ्रांस के नेताओं ने सोमालिया आत्मघाती हमले की कड़े शब्दों में निंदा की.

कई देशों ने की निंदा

एपी के अनुसार, शनिवार को विदेश मंत्रालय सहित महत्वपूर्ण मंत्रालयों के निकट व्यस्त चौराहे को निशाना बनाकर ट्रक बम विस्फोट किया गया था, विस्फोट के समय मौके पर सैकड़ों लोग मौजूद थे. अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर ‘‘कडे़ शब्दों’’ में हमले की निंदा की है. अमेरिका ने अपने बयान में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वाशिंगटन सोमालिया सरकार, वहां के लोगों और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ बना रहेगा. हम शांति, सुरक्षा और समृद्धि हासिल करने के उनके प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे.

हमले की अभी तक किसी ने कोई जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन अल-कायदा से जुड़ा आतंकी गुट अलशबाब सोमालिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पीछे धकेलने के लिए वहां दर्जनों आत्मघाती हमले करता रहा है.