बीजिंग: चीन ने भारत के साथ सीमा संबंधी मौजूदा गतिरोध समाप्त करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मध्यस्थता के प्रस्ताव को शुक्रवार को खारिज कर दिया. ट्रम्प ने भारत और चीन के बीच सीमा विवाद में बुधवार को मध्यस्थता करने की अचानक पेशकश की और कहा कि वह दोनों पड़ोसी देशों की सेनाओं के बीच जारी गतिरोध के दौरान तनाव कम करने के लिए ‘‘तैयार, इच्छुक और सक्षम’’ हैं. Also Read - Coronavirus Fear: पहली बार मास्क में दिखाई दिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, बोले- ये अच्छी बात है...

अमेरिका के इस प्रस्ताव पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि दोनों देश मौजूदा सैन्य गतिरोध सुलझाने के लिए तीसरे पक्ष का ‘‘हस्तक्षेप’’ नहीं चाहते हैं. झाओ ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में ट्रम्प के प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘चीन और भारत के बीच सीमा संबंधी तंत्र और संवाद माध्यम हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम वार्ता एवं विचार-विमर्श के जरिए समस्याओं को उचित तरीके से सुलझाने में सक्षम हैं. हमें तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है.’’ Also Read - Unknown Pneumonia Virus: कोरोना से नहीं इस नई बीमारी से टेंशन में है चीन, कजाकिस्तान में रहने वाले अपने नागरिकों को किया सावधान

बता दें कि भारत और चीन के बीच जारी सीमा विवाद को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान पर ही सवाल खड़ा हो गया है. बीती रात अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत-चीन के बीच मध्यस्थता करने की अपनी इच्छा को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की जो दोनों देशों के बीच ‘बड़े टकराव’ को लेकर ‘अच्छे मूड’ में नहीं है. लेकिन इसके कुछ ही समय भारत सरकार ने ट्रंप और पीएम मोदी के बीच किसी भी बातचीत से इनकार कर दिया. Also Read - USA-China Trade War: ट्रंप ने चीन के साथ दूसरे चरण के व्यापार सौदे की संभावना को किया खारिज , कही ये बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच हाल में कोई बातचीत नहीं हुई है. यह स्पष्टीकरण तब आया है जब ट्रम्प ने वाशिंगटन में कहा कि उन्होंने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ चल रहे भारत के सीमा विवाद को लेकर मोदी से बात की है.

वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर लद्दाख और उत्तरी सिक्किम में अनेक क्षेत्रों में भारत और चीन दोनों की सेनाओं ने हाल ही में सैन्य निर्माण किये हैं. इससे गतिरोध की दो अलग-अलग घटनाओं के दो सप्ताह बाद भी दोनों के बीच तनाव बढ़ने तथा दोनों के रुख में सख्ती का स्पष्ट संकेत मिलता है.

भारत ने कहा है कि चीनी सेना लद्दाख और सिक्किम में एलएसी पर उसके सैनिकों की सामान्य गश्त में अवरोध पैदा कर रही है. भारत ने चीन की इस दलील को भी पूरी तरह खारिज कर दिया है कि भारतीय बलों द्वारा चीनी पक्ष की तरफ अतिक्रमण से दोनों सेनाओं के बीच तनाव बढ़ा.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत की सभी गतिविधियां सीमा के इसी ओर संचालित की गयी हैं और भारत ने सीमा प्रबंधन के संबंध में हमेशा बहुत जिम्मेदाराना रुख अपनाया है. विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत अपनी सम्प्रभुता और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

(इनपुट भाषा)