नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ (Pervez Mushrraf) को फांसी की सजा सुनाई गई है. पाकिस्तान की विशेष अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को फांसी की सजा सुनाई है. मुशर्रफ़ पर देशद्रोह का आरोप है. ये सजा पाकिस्तान में आपातकाल लगाने को लेकर सुनाई गई है. मुशर्रफ़ फिलहाल पाकिस्तान में नहीं हैं और दुबई में अपना इलाज करा रहे हैं. परवेज़ मुशर्रफ़ ने 2007 में पाकिस्तान में इमरजेंसी लगाई थी.

दिल्ली की हवेली में जन्म, राष्ट्रपति बनने से लेकर सज़ा-ए-मौत तक, कुछ ऐसा रहा परवेज़ मुशर्रफ़ का सफर

पाकिस्तान की विशेष अदालत ने 2014 में मुशर्रफ़ को आपातकाल लगाने का अभियुक्त बनाया था. पाकिस्तान की विशेष अदालत ने इसे देशद्रोह माना. कुछ समय पहले मुशर्रफ़ ने कहा था कि उन्होंने पाकिस्तान की बहुत सेवा की है. उनकी बात नहीं सुनी जा रही है. उनके साथ न्याय नहीं हो रहा है. परवेज़ मुशर्रफ़ पाकिस्तान आर्मी के जनरल भी रहे. वह 2001 में पाकिस्तान के 10वें राष्ट्रपति बने थे. वह 2008 तक राष्ट्रपति रहे. इसके बाद उन्हें इस्तीफ़ा देना पड़ा था.