Pakistan to remain in FATF Grey list : पाकिस्तान फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट में ही रहेगा क्योंकि यह ग्लोबल वॉचडॉग एक्शन प्लान के अनुपालन में 27 में से छह बिंदुओं का पालन करने में नाकाम रहा है. शुक्रवार को एफएटीएफ की बैठक में ये फैसला लिया गया. Also Read - पाकिस्तान के पूर्व PM जफरुल्लाह खान जमाली का 76 साल की उम्र में रावलपिंडी में निधन

पाकिस्तान पिछले काफी समय से एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में है और उसके ब्लैक लिस्ट में जाने के चांसेस भी ज्यादा हैं. हालांकि अभी फिलहाल पाक एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में ही रहेगा. पाकिस्तान एफएटीएफ के एक्शन प्लान के अनुपालन में आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठा पाया है. दक्षिण एशिया में इस तरह की आतंकी फंडिंग की वकालत करने वाले पाक पीएम इमरान खान और पाक सेना के लिए यह फिर से एक शर्मिंदगी का मौका है. Also Read - पाकिस्तानी ऑलराउंडर ने कहा-सेलेक्टर्स ही बता सकते हैं कि मुझे टीम से बाहर क्यों किया

एफएटीएफ के अध्यक्ष मार्कस प्लीयर ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए कुल 27 कार्ययोजनाओं में से छह को पूरा करने में विफल रहा है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को आतंकवाद का वित्तपोषण रोकने के लिए और प्रयास करने की जरूरत है. Also Read - पाकिस्तानी सैनिकों ने Ceasefire Violation किया, LoC पर BSF अफसर शहीद

बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग और आतंक वित्तपोषण के खिलाफ पर्याप्त कदम उठाने में विफल रहने के लिए पाकिस्तान को जून 2018 में ग्रे लिस्ट में डाल दिया गया था. इसके बाद एक चेतावनी के साथ 27-सूत्रीय कार्य योजना दी गई और अगर पाकिस्तान इसका अनुपालन करने में विफल रहता है तो उसे ब्लैक लिस्ट में भी डाला जा सकता है. कोरोनावायरस महामारी के कारण पाकिस्तान को अपनी 27 सूत्रीय कार्ययोजना को पूरा करने के लिए तीन महीने का और समय मिल गया है.

इस साल की समय सीमा जून थी लेकिन एफएटीएफ ने अपनी प्लेनरी सेशन के स्थगन के कारण इसे बढ़ा दिया था.