लंदन: ब्रिटेन की सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी ने शुक्रवार को आम चुनाव में स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है. प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को जहां जनादेश मिला है, वहीं विपक्षी लेबर पार्टी के लिए 1935 के बाद से यह सबसे खराब चुनाव परिणाम है. समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, कंजर्वेटिव ने हाउस ऑफ कॉमन्स में कुल 334 सीटों पर जीत दर्ज कर 74 सीटों का बहुमत हासिल किया है (45 सीटों का लाभ), क्योंकि दक्षिणपंथी पार्टी ने लेबर उम्मीदवारों के पारंपरिक गढ़ में सेंध लगा दी.

अक्सब्रिज और साउथराइस्लिप में आसानी से निर्वाचित होने के बाद नतीजों से खुश जॉनसन ने कहा, “यह ऐसा लगता है कि जैसे कंजर्वेटिव सरकार को ब्रेक्सिट लागू कराने के लिए एक शक्तिशाली नया जनादेश दिया गया है.” प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी की जीत “ब्रिटिश लोगों की लोकतांत्रिक इच्छा का सम्मान करने, इस देश को बेहतर बनाने और इस देश के सभी लोगों की क्षमता को उजागर करने का मौका प्रदान करेगी.”

दूसरी ओर, नतीजों से निराश लेबर नेता जेरेमी कॉर्बिन ने एलान किया कि वह भविष्य में आम चुनाव में पार्टी का नेतृत्व नहीं करेंगे. लेबर पार्टी महज 201 सीटों (57 का नुकसान) पर सिमट गई है. इसके पहले 1935 में पार्टी ने सबसे खराब प्रदर्शन करते हुए सबसे कम सीटें सिर्फ 154 सीटें जीती थी.

वहीं, 1983 में भी खराब प्रदर्शन करते हुए लेबर पार्टी ने 209 सीटें जीती थीं. कॉर्बिन ने अपनी इजलिंगटन नॉर्थ काउंटिंग सेंटर में समर्थकों से कहा कि स्पष्ट रूप से यह पार्टी के लिए बहुत निराशाजनक रात है.” इस बीच, लिबरल डेमोक्रेट्स नेता, जो स्विन्सन ईस्ट डनबर्टनशायर सीट स्कॉटिश नेशनल पार्टी (एसएनपी) के हाथों गंवा बैठीं. उन्होंने इस सीट का 12 वर्षो से अधिक समय तक प्रतिनिधित्व किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रारंभिक परिणामों से खुश हैं. उन्होंने ट्वीट किया, “ब्रिटेन में बोरिस के लिए एक बड़ी जीत मालूम पड़ रही है.”

बता दें कि अपने विपक्षी जेरेमी कॉर्बिन के विपरीत बोरिस का रुख भारत समर्थक रहा है. वे चुनाव से पहले प्रवासी भारतीयों को आकर्षित करने के लिये अपनी महिला मित्र कैरी सायमंड्स के साथ एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर में दर्शन के लिये पहुंचे थे और नया भारत बनाने के प्रधानमंत्री मोदी के मिशन में उनके साथ मिलकर काम करने का संकल्प व्यक्त किया था.

प्रधानमंत्री जॉनसन ने कहा था, ‘‘मैं जानता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी नये भारत का निर्माण कर रहे हैं. ब्रिटिश सरकार में हम इस प्रयास में उनका समर्थन करेंगे.’’ कश्मीर के मुद्दे पर लेबर पार्टी के कथित भारत विरोधी रूख की ओर परोक्ष रूप से इशारा करते हुए जॉनसन ने कहा, ‘‘इस देश में किसी भी प्रकार के नस्लवाल या भारत विरोधी भावना के लिए कोई जगह नहीं हो सकती है.’’

(इनपुट आईएएनएस)