सिडनी. ब्रितानी युध्दपोत नौवहन अधिकारों की स्वतंत्रता पर जोर देने के लिए अगले महीने ऑस्ट्रेलिया से रवाना होगा और दिक्षिण चीन सागर से होते हुए आगे बढ़ेगा. एक वरिष्ट अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी है. Also Read - कोरोना को लेकर चीन पर ‘कड़ा जुर्माना’ लगाने की मांग की, ICJ का आरोप- महाशक्ति बनने को रचा बड़ा षड़यंत्र

बिट्रेन का यह कदम चीन को नाराज कर सकता है. चीन वहां संसाधन समृध्द लगभग संपूर्ण दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है. चीन वहां चट्टानों एंव टापुओं को द्वीपों में बदल रहा है और सैन्य सुविधाएं स्थापित कर रहा है. Also Read - Covid-19: चीन ने कोरोनावायरस महामारी में एकतरफा प्रतिबंध हटाने की मांग की, दिया यह तर्क

ब्रितानी रक्षा सचिव गैविन विलियमसन ने कहा कि पनडुब्बी रोधी फ्रिगेट एचएमएस सदरलैंड इस सप्ताह के आखिर में ऑस्ट्रेलिया पहुंचेगा. उन्होंने सिडनी और कैनबरा की दो दिवसीय यात्रा के बाद ‘द ऑस्ट्रेलियन’ समाचार पत्र से कहा, ‘(हम देश वापसी के दौरान) दक्षिण चीन सागर से होकर गुजरेंगे और यह स्पष्ट करेंगे कि नौसेना के पास ऐसा करने का अधिकार है.’ Also Read - कोरोना से परेशान इटली के लोगों ने सड़कों पर फेंके पैसे, जानें क्या है वायरल फोटो का सच?

हालांकि विलियमसन ने यह नहीं बताया कि फ्रिगेट अमेरिकी पोतों की तरह विवादित क्षेत्र के 12 मील के दायरे या चीन द्वारा निर्मित कृत्रिम द्वीप से होकर गुजरेगा या नहीं. लेकिन उन्होंने कहा कि हम इस मामले में अमेरिका के रुख का पूरी तरह समर्थन करते हैं. अमेरिका वहां जो कर रहा है, हम उसका पूर्णतया सर्मथन करते हैं.

विलियमसन ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य बहुत तेजी से बदल रहा है, ऐसे में अमेरिका एक बार में कुछ ही चीजों पर ध्यान केंद्रीत कर सकता है. अमेरिका चाहता है कि अन्य देश भी अधिक भूमिका निभाएं. यह ब्रिटेन एंव ऑस्ट्रेलिया के लिए अच्छा अवसर है कि वे नेतृत्व दर्शाते हुए अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं.