लंदन: ब्रिटेन की एक अदालत ने रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी को चीन के तीन बैंकों को 21 दिन के भीतर 71.7 करोड़ डॉलर का भुगतान करने को कहा है. इन बैंकों को एक ऋण करार के तहत अंबानी से यह राशि वसूल करनी है. कोविड-19 महामारी के मद्देनजर लागू प्रक्रियाओं के अनुरूप सुनवाई करते हुए लंदन में इंग्लैंड और वेल्स के हाई कोर्ट के वाणिज्यिक खंड के न्यायमूर्ति निजेल टियरे ने व्यवस्था दी कि अंबानी जिस व्यक्तिगत गारंटी को विवादित मानते हैं वह उन पर बाध्यकारी है. Also Read - Google और Jio ने मिलकर तैयार किया धमाकेदार स्मार्टफोन, मुकेश अंबानी बोले- गणेश चतुर्थी वाले दिन लॉन्च होगा JIOPHONE NEXT

न्यायमूर्ति टियरे ने आदेश में कहा कि यह घोषणा की जाती है कि बचाव पक्ष (अंबानी) पर गारंटी बाध्यकारी है. ऐसे में अंबानी को बैंकों को गारंटी के रूप में 71,69,17,681.51 डॉलर चुकाने होंगे. अनिल अंबानी के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह मामला रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा वैश्विक पुनर्वित्तपोषण के लिये 2012 में लिए गए कर्ज पर दी गई कथित व्यक्तिगत गारंटी से संबंधित है.
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘स्पष्ट किया जाता है कि यह श्री अंबानी का व्यक्तिगत ऋण नहीं है. इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना ने यह दावा कथित रूप से उस गारंटी के आधार पर किया है जिस पर श्री अंबानी ने कभी हस्ताक्षर नहीं किए थे. साथ ही अंबानी ने लगातार कहा है कि उन्होंने अपनी ओर से किसी को यह गारंटी देने के लिए अधिकृत नहीं किया.’’ Also Read - जी-7 सम्मेलन पर छाए ब्रिटेन और ईयू के बीच विवाद के बादल, अलग-अलग बैठकें कर रहे हैं बोरिस जॉनसन

प्रवक्ता ने कहा कि जहां तक ब्रिटेन की अदालत के फैसले का सवाल है निकट भविष्य में भारत में इसके प्रवर्तन की कोई संभावना नहीं है अंबानी इस मामले में कानूनी सलाह ले रहे हैं जिसके बाद वह आगे की कार्रवाई करेंगे. यह मामला चीन के इंडस्ट्रियल एंड कमिर्शियल बैंक और चाइना लि. मुंबई शाखा, चाइना डेवलपमेंट बैंक और एक्जिम बैंक और चाइना से जुड़ा है. फरवरी में इन बैंकों के समर्थन में सशर्त आदेश जारी किया गया था. Also Read - टीकाकरण अभियान को बढ़ावा देने के लिए सरकार की मदद करेंगे Tinder सहित कई Dating Apps, जानिए प्लान

जज डेविड वाक्समैन ने सात फरवरी को इस मामले में सुनवाई करते हुए 2021 में पूरी सुनवाई तक छह सप्ताह में 10 करोड़ डॉलर के भुगतान का आदेश दिया था. इस सप्ताह आए आदेश में पूर्व में तय अगले साल 18 मार्च को सुनवाई की तारीख को रद्द करते हुए बैंकों के पक्ष में अदालती लागत का भी आदेश दिया. इससे कुल बकाया राशि में 7,50,000 पौंड और जुड़ गए हैं.
अदालत के आदेश के अनुसार अंबानी को 71.7 करोड़ डॉलर की राशि चुकानी है. इसमें 54,98,04,650.16 डॉलर का मूलधन, 22 मई तक बकाया 5,19,23,451.49 डॉलर का ब्याज और 11,51,89,579.86 करोड़ डॉलर का डिफॉल्ट ब्याज शामिल है.