न्यूयॉर्क: अमेरिका-ब्रिटेन से लेकर भारत तक फेसबुक डेटा लीक विवाद मामले में तहलका मचा हुआ है और राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. इसी बीच ब्रिटिश संसद की समिति ने कैम्ब्रिज एनालिटिका के सीईओ एलेक्जेंडर निक्स से पूछताकर करने का फैसला लिया है. गुरुवार को ब्रिटिश संसद की मीडिया समिति ने फर्जी खबर से जुड़ी अपनी जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए कैम्ब्रिज एनालिटिका के सीईओ एलेक्जेंडर निक्स को तलब किया है. Also Read - जामिया में गोली चलाने से पहले आरोपी ने फेसबुक पर लिखा 'आजादी दे रहा हूं'

समिति के अध्यक्ष डैमियन कोलिंस ने पत्र लिखकर निक्स को कहा है कि आपके साक्ष्यों में कई विसंगतियां हैं. कोलिंस ने ग्लोबल साइंस रिसर्च कंपनी से डेटा प्राप्त होने से निक्स के इनकार को भी रेखांकित किया है. कैम्ब्रिज के एक शोधार्थी द्वारा विकसित इस एप पर 5 करोड़ फेसबुक अकाउंट से सूचनाएं चोरी करने का आरोप है. एक व्हिसलब्लोअर ने आरोप लगाया लगाया है कि कैम्ब्रिज एनालिटिका ने2016 में अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डेटा का अनुचित इस्तेमाल किया. Also Read - Mark Zuckerberg | Narendra Modi | fb | नरेन्द्र मोदी के साथ बैठक पर मार्क जुकरबर्ग ने लोगों से मांगा सवाल

बता दें कि कैम्ब्रिज एनालिटिका एक फर्म 5 करोड़ फेसबुक यूजर्स के निजी जानकारी चुराकर अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की मदद करने का आरोप लगा है. इस मामले के सामने आने पर अमेरिकी और यूरोपीय सांसदों ने फेसबुक इंक से जवाब मांगा. उनका कहना कि वे जानना चाहते हैं कि यूकी की कैंब्रिज एनालिटिका ने ट्रंप को यूएस में प्रेसिडेंट का चुनाव जीतने में किस तरह से हेल्‍प की? वहीं, फेसबुक डेटा लीक की खबर आने के बाद सोमवार को फेसबुक के शेयर 7% नीचे गिरे. इससे फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्क को ही एक दिन में 6.06 अरब डॉलर (करीब 395 अरब रुपए) का बड़ा झटका लग चुका है.

वहीं, भारत में सत्‍तारूढ़ बीजेपी के केंद्रीय मंत्री सूचना एवं प्रौद्यौगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि फेसबुक के 5 करोड़ यूजर्स का डेटा लीक होने से जिस डेटा फर्म को फायदा पहुंचने की बात सामने आ रही है, उससे कांग्रेस ने कहा कि पार्टी ने 2019 के चुनाव अभियान के लिए जिस ब्रिटिश एजेंसी कैम्ब्रिज एनालिटिका को जिम्मेदारी सौंपी है. उन्‍होंने कहा कि भारत में अगर इस तरह का दुरुपयोग किया गया और चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की गई तो इसे बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी.   ( इनपुट एजेंसी)