ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन कोरोनावायरस से जंग जीतकर वापस काम पर लौट आए हैं. कोविड-19 से संक्रमित होने की वजह से लंबे समय बाद जॉनसन ने सोमवार को अपने ऑफिस में फिर से कामकाज संभाला. कोविड-19 संक्रमण से उबरने के बाद पहली बार देश को संबोधित करते हुए जॉनसन ने कहा कि वर्तमान समय में देश में महामारी से अधिकतम जोखिम बना हुआ है. उन्होंने लोगों से लागू लॉकडाउन में धैर्य रखने का आग्रह किया. Also Read - पीएम मोदी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री के साथ की शिखर बैठक; एक अरब पौंड के व्यापार और निवेश की हुई घोषणा

बीबीसी ने डाउनिंग स्ट्रीट पर रविवार शाम को लौटे जॉनसन के बयान के हवाले से कहा, “हम इससे मुकाबले की शुरुआत कर रहे हैं.” जॉनसन ने अपनी अनुपस्थिति में जनता के साथ खड़े रहकर उनका धैर्य व हिम्मत बढ़ाने के लिए अपने सहयोगियों को धन्यवाद कहा. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन को समाप्त करने के लिए अधीर व्यवसाय-मालिकों की चिंताओं को वह समझते हैं, लेकिन वह जनता के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे. Also Read - गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार नहीं कोई चीफ गेस्ट, जानें कब-कब हुआ ऐसा

उन्होंने कहा, “मैं ब्रिटिश लोगों के सभी प्रयासों और बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने दूंगा. महामारी की दूसरी लहर के चलते प्रकोप बढ़ने की स्थिति में ‘इकोनॉमिक डिजास्टर’ आ जाएगा.” Also Read - ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने G7 शिखरवार्ता के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भेजा न्योता, भारत को बताया ‘दुनिया की फार्मेसी’

उन्होंने आगे कहा, “मैं आप से धैर्य रखने का आग्रह करता हूं. अस्पतालों में कोविड-19 संक्रमितों के कम मामले और इंटेंसिव केयर (आईसीयू) में गिरती मरीजों की संख्या के बावजूद, यह वास्तविक संकेत है कि अभी हम महामारी के अधिकतम जोखिम से गुजर रहे हैं.”

बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में जॉनसन के हवाले से कहा कि ब्रिटेन ने अब तक सामूहिक रूप से नेशनल हेल्थ सर्विस (एनएचएस) के माध्यम से स्थिति को नियंत्रण में रखा है.

हालांकि, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने इस बात के संकेत नहीं दिए हैं कि देश में लागू लॉकडाउन के नियमों में राहत कब से दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार अधिकतम पारदर्शिता के साथ इस बारे में निर्णय करेगी.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री जॉनसन सेंट्रल लंदन के सेंट थॉमस अस्पताल में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद एक सप्ताह भर्ती रहे. यहां तीन रातों के लिए उन्हें इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) में भी रहना पड़ा था. उपचार के बाद पूर्ण रूप से स्वस्थ होने पर आखिरकार 12 अप्रैल को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. चेकर्स स्थित प्राइम मिनिस्टर के अपने आधिकारिक आवास से जॉनसन ने इस बीच कोई सरकारी काम नहीं किया.

हालांकि, पिछले हफ्ते उन्होंने ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करने के साथ ही अपने वरिष्ठ मंत्रियों से भी मुलाकात की थी. ब्रिटेन में कोरोनावायरस महामारी के चलते 20 हजार 795 मौतें हो गई हैं. साथ ही कुल संक्रमितों का आंकड़ा एक लाख 54 हजार 37 तक पहुंच गया है.