इस्लामाबाद: पाकिस्‍तान की कश्‍मीर नीति उसके गले की फांस बन गया है. कश्‍मीर में आतंकवाद फैलाने के बाद अब पाकिस्‍तान के हुक्‍मरान जेहाद और सशस्त्र संघर्ष को पाक के हितों के खिलाफ बता रहे हैं. पाकिस्‍तान ने कश्‍मीर की जमीनी हकीकत को दरकिनार कर उसे भावनात्‍मक मुद्दा बनाया. आतंकवाद फैलाया और कूटनीतिक स्‍तर से मुद्दे की बात कर रहा है. कश्‍मीर पर खुद ही पाकिस्‍तान की इमरान सरकार घिरी हुई है. ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को कहा कि कश्मीर में भारतीय फौजों के खिलाफ जेहाद का आह्वान और सशस्त्र संघर्ष को मदद कश्मीरियों की लड़ाई को नुकसान पहुंचाएगा और यह इस्लामाबाद के हितों के खिलाफ है.

बता दें कि पाकिस्तान में लोगों ने कश्मीरियों के समर्थन में रविवार को काला दिवस मनाया. पाकिस्तान सरकार द्वारा संचालित पाकिस्तान टेलीविजन (पीटीवी) चैनल पर प्रसारित वीडियो संदेश में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री खान ने कहा कि कुछ तत्व कश्मीर में जेहाद और सशस्त्र संघर्ष भड़का रहे हैं.

इमरान कहा, कुछ तत्व जेहाद और भारतीय फौजों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष भड़का रहे हैं, जो कश्मीर के संघर्ष को बड़ा नुकसान पहुंचाएगा और यह पाकिस्तान के हितों के भी खिलाफ है. खान ने दावा किया कि भारत कश्मीर में अत्याचार को उचित ठहराने और दुनिया का ध्यान आतंकवाद की ओर खींचने के लिए मौके की तलाश में है.

पाक पीएम ने कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों के मुद्दे का समर्थन करने के लिए कूटनीतिक और राजनीतिक रूप से किसी भी स्तर तक जाएगा. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, आज मैं भरोसा दिलाना चाहता हूं कि आपके (कश्मीरियों) साथ पूरा देश खड़ा है और पाकिस्तान आपकी मदद के लिए किसी भी हद तक जाएगा.

वहीं, इमरान ने अलग से ट्वीट करके कहा कि भारत को कश्मीर से कर्फ्यू हटाना चाहिए. पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा कि वह विश्व के नेताओं को एकबार फिर कश्मीर के हालात से अवगत कराएंगे.

कश्मीर में भारत द्वारा उठाए कदम के खिलाफ पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में विभिन्न पार्टियों ने रैलियां और गोष्ठियां आयोजित की. कथित काला दिवस का मुख्य कार्यक्रम मुजफ्फराबाद में आयोजित किया गया.

बता दें कि गत पांच अगस्त को भारत ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करके राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का फैसला किया था. इससे भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया.