भारत की तरह चीन-ताइवान में भी होता है बच्चों का मुंडन, जानें पत्थर, सिक्के और अंडों का क्या होता है इस्तेमाल

China Hair Shaving Ceremonies:नवजात शिशुओं के लिए 'बाल मुंडवाने' की रस्म में पत्थर, सिक्के, लाल अंडे इस्तेमाल होते हैं. यह इस बात का प्रतीक था कि बच्चा बुद्धिमान होगा.

Published date india.com Published: January 11, 2026 1:30 PM IST
भारत की तरह चीन-ताइवान में भी होता है बच्चों का मुंडन, जानें पत्थर, सिक्के और अंडों का क्या होता है इस्तेमाल
(photo credit reuters, for representation only)

China Hair Shaving Ceremonies: सनातन में मुंडन की परंपरा है. यहां बच्चों का एक बार बाल मुंडवाना अनिवार्य है. पर क्या आपको मालूम है कि पड़ोसी देश चीन और ताइवान में भी बाल मुडंवाने की प्रथा है.

क्यों होता है पत्थर अंडों का इस्तेमाल

साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक नवजात शिशुओं के लिए चीन की ‘बाल मुंडवाने’ की रस्म में पत्थर, सिक्के, लाल अंडे इस्तेमाल होते हैं. “बाल मुंडवाने” के दौरान पानी में 12 पत्थर, 12 सिक्के और 12 लाल अंडे रखे जाते हैं, जो बुद्धिमत्ता और भविष्य की सफलता का प्रतीक हैं.

पहले भौंहें भी मुंडवा दी जाती थीं

प्राचीन प्रथा में कभी-कभी बच्चों की भौंहें एक बहुत कुशल नाई द्वारा पूरी तरह से मुंडवा दी जाती थीं. माना जाता था कि यह परंपरा ‘बदकिस्मती, बुराई’ को दूर करती है.

कब होती थी यह रस्म

चीन और ताइवान में प्रचलित एक अनोखी लेकिन पारंपरिक “बाल मुंडवाने” की रस्म में नवजात शिशु का सिर तब मुंडाया जाता है जब वे लगभग एक महीने के होते हैं. इसके बाद उनके सिर पर अंडे की जर्दी और प्याज के रस का मिश्रण लगाया जाता है. लड़कों के लिए, आमतौर पर जन्म के 24वें दिन और लड़कियों के लिए, 20वें दिन या एक महीने पूरे होने पर बाल मुंडाए जाते थे.

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बाल मुंडवाने की रस्म, जो पारंपरिक हान चीनी बच्चों के पालन-पोषण की प्रथाओं में निहित है. यह पश्चिमी हान राजवंश (206 ईसा पूर्व
– 220 ईस्वी) से चली आ रही है और एक समय ताइवान में भी लोकप्रिय थी. अधिकांश क्षेत्रों में, पूरे महीने बाल कटवाने” का समारोह बच्चे की नानी के परिवार की ओर से आयोजित किया जाता है. वे उपहार तैयार करते हैं और जगह की व्यवस्था करते हैं, जबकि मामा आमतौर पर मेजबान होते हैं.

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