ईरान के ऊपर मंडराने वाले अमेरिकी बॉम्बर पर नजर रख रहा था दुश्मन का AI, खुलासे से उड़ जाएगी ट्रंप की नींद

China AI: चीन की कंपनी का कहना है कि उन्होंने AI एनालिसिस का इस्तेमाल किया. इससे अमेरिका के हवाई रिफ्यूलिंग मिशन को ट्रैक करने की कोशिश की, ताकि बमवर्षक विमानों के हमले के पैटर्न का पता लगाया जा सके.

Published date india.com Updated: April 15, 2026 2:35 PM IST
ईरान के ऊपर मंडराने वाले अमेरिकी बॉम्बर पर नजर रख रहा था दु्श्मन का AI, खुलासे से उड़ जाएगी ट्रंप की नींद
(photo credit AI , for representation only)

China AI: जब अमेरिका वायुसेना के विमान ईरान के ऊपर मंडरा रहे थे, तब एक एआई अमेरिका के हवाई रिफ्यूलिंग मिशन को ट्रैक करने की कोशिश की. एआई अपने विश्लेषण के जरिए बमवर्षक विमानों के हमले के पैटर्न पता लगाने की कोशिश कर रहा था. एक चीनी कंपनी ने ये सनसनीखेज दावा किया है.

कौन है ये एआई कंपनी

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्राइवेट जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस फर्म MizarVision ने इस महीने की शुरुआत में एक रिपोर्ट पब्लिश की.

कैसे किया अमेरिकी विमानों को ट्रैक

रिपोर्ट में ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान US के KC-135 और KC-46 टैंकर विमानों की गतिविधियों का एनालिसिस किया गया था. टैंकरों की ज्ञात गतिविधियों और ईरान के ठिकानों पर किए गए हमलों के बीच के अहम संबंधों के बारे में विस्तार से बताया गया था.

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टैंकर ट्रेस करना आसान

टैंकरों को ‘ऑटोमैटिक डिपेंडेंट सर्विलांस-ब्रॉडकास्ट’ (ADS-B) सिग्नल के जरिए ट्रैक किया जा सकता है. टैंकर सबसे ज़्यादा ट्रैक किए जाने वाले मिलिट्री विमानों में से एक हैं. वहीं, बमवर्षक विमानों की ओर से ऑपरेशनल उड़ानों के दौरान ADS-B सिग्नल ब्रॉडकास्ट करने की संभावना बहुत कम होती है. इसलिए फर्म ने टैंकरों की लोकेशन को बमवर्षक विमानों की ज्ञात या संदिग्ध गतिविधियों से मिलाने की कोशिश की, जिसे ट्रैक करना काफी मुश्किल काम है. इस प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने क्या भूमिका निभाई, यह साफ़ नहीं हो पाया.

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एक महीने तक चली निगरानी

फर्म ने एक महीने तक निगरानी का काम किया था, जिसमें सैटेलाइट तस्वीरों का भी इस्तेमाल किया गया था. इन तस्वीरों में मध्य-पूर्व के अलग-अलग हिस्सों में अमेरिका की मिलिट्री संपत्तियों की तैनाती को दिखाया गया था.

डिलीट कर दिया मैप

फर्म के सोशल मीडिया अकाउंट में से एक पोस्ट किया गया था, जिसमें इजरायल से खाड़ी क्षेत्र की ओर जाने वाले अमेरिका के टैंकरों के उड़ान मार्गों को मैप किया गया था. इस क्षेत्र में KC-135 विमानों के लिए तय रिफ्यूलिंग ऑर्बिटभी दिखाए गए थे. इन गतिविधियों की तारीख का खुलासा नहीं किया गया था. बाद में इस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया.

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