संयुक्त राष्ट्रः जी-77 और चीन(China) ने कोरोना वायरस(Coronavirus) संकट के दौरान विकासशील देशों के खिलाफ लगाए गए एकतरफा प्रतिबंध हटाने की अपील करते हुए सचेत किया है कि इन प्रतिबंधों के कारण वैश्विक महामारी से निपटने के प्रयास बाधित हो सकते हैं. Also Read - एक बार फिर यूएई ने बीसीसीआई के सामने रखा IPL आयोजन का प्रस्ताव

ईरान और वेनेजुएला पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले अमेरिका पर निशाना साधते हुए विकासशील देशों के समूह जी-77 ने शुक्रवार को कहा, ‘‘एकतरफा सख्त आर्थिक प्रतिबंध बेहतर तरीके से कोरोना वायरस को लड़ने की देशों की क्षमता पर नकारात्मक असर डालेंगे.’’ Also Read - पूर्वी लद्दाख गतिरोध: भारत-चीन के बीच साढ़े 3 घंटे तक क्या बातचीत हुई? सेना ने ड्रैगन को बताई उसकी 'सीमा'

इसने सचेत किया कि इससे उन देशों में ‘‘वैश्विक महामारी के मद्देनजर अपनी जनसंख्या को उचित उपचार देने के लिए’’ चिकित्सकीय उपकरणों की खरीदारी एवं आपूर्ति पर असर पड़ेगा जिन पर प्रतिबंध लगाए गए हैं.’’ Also Read - स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेषज्ञों का दावा, भारत में इस महीने खत्म हो जाएगी कोरोना महामारी

बयान में कहा गया है, ‘‘अत: हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हैं कि वह विकासशील देशों के खिलाफ जबरन लगाए गए एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों को समाप्त करने के लिए तत्काल एवं प्रभावशाली कदम उठाए.’’

अमेरिका इस साल की शुरुआत से ही प्रतिबंध हटाने की मांग खारिज करता आया है जिसके कारण कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित ईरान जैसे देशों को काफी मुश्किल पेश आ रही है.

यूरोपीय संघ ने कहा कि इन प्रतिबंधों के कारण कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को कमजोर होने नहीं दिया जा सकता. शुक्रवार को जारी इस बयान में केवल एकतरफा प्रतिबंधों का जिक्र किया गया है. इसमें उत्तर कोरिया जैसे देशों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का जिक्र नहीं है.