नयी दिल्ली: चीन के राजदूत सुन वेइडोंग ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और चीन को मतभेदों को “उचित ढंग से सुलझाने” के लिए बात करना जरूरी है. उन्होंने साथ ही कहा कि दोनों के लिए ‘मतभेद प्रबंधन के तरीकों’ से आगे बढ़ने और द्विपक्षीय संबंधों को सक्रियता से आकार देने पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है. चीनी राजदूत ने कहा कि उनका देश कभी दूसरों को परेशान नहीं करता और न ही किसी को खुद को परेशान करने देगा.

‘न्यू चाइना’ की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर यहां सभा को संबोधित करते हुए सुन ने कहा कि विकासशील देशों का उद्भव और उभरती अर्थव्यवस्थाओं जिनका प्रतिनिधित्व चीन, भारत और अन्य देश समग्र रूप से करते हैं उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को नाटकीय ढंग से बदल दिया है. उन्होंने कहा कि एक अरब से अधिक जनसंख्या वाले केवल दो विकासशील देशों के तौर पर चीन और भारत के संबंध द्विपक्षीय संभावना एवं वैश्विक महत्त्व से आगे हैं.

चीन-भारत संबंधों को बढ़ावा देना जारी रखने की आवश्यकता
सुन ने कहा कि दोनों देशों को राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच महत्त्वपूर्ण सामंजस्य के मार्गदर्शन में आगे बढ़ने की जरूरत है और सकारात्मक ऊर्जा एकत्रित करके चीन-भारत संबंधों को बढ़ावा देना जारी रखने की आवश्यकता है.