नई दिल्ली: बीते कई दिनों से भारत चीन की सीमा पर तनाव बरकरार है. बीते दिनों दोनों ही देशों के जवानों के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई थी, हालांकि इस दौरान दोनों ही तरफ के जवानों को हल्की चोटें आईं. लेकिन जहां भारत लगातार चीन के सीमा विस्तारवादी नीति का विरोध करता रहा है, वहीं बीते दिनों पाकिस्तान को POK को लेकर भी चेतावनी दे डाली है. लेकिन एक बार फिर चीन और पाकिस्तान ने कुछ ऐसा किया है जिससे भारत की परेशानियां बढ़ सकती हैं.Also Read - IND vs WI: सीमित ओवरों की सीरीज से पहले Rohit Sharma फिट, Jasprit Bumrah को आराम

बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने POK में बांध बनवाने के चीन सरकार के साथ समझौता किया है. यह समझौता अरबों डॉलर का है. इसके तहत पाक अधिकृत कश्मीर में चीन की एक कंपनी दिआमेर-भाषा बांध बनाने वाली है. चीनी कंपनी चाईना पावर ने 2.75 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट पर पाकिस्तानी सरकार के साथ समझौता किया है. इसमें 70 प्रतिशत हिस्सेदारी चीन की कंपनी व 30 प्रतिशत हिस्सेदारी पाकिस्तान के फ्रंटियर वर्क्स ऑर्गेनाअजेशन के पास है. Also Read - IMF ने 2022 में भारत की वृद्धि दर का अनुमान 9 प्रतिशत किया, चीन 4.8%, यूएस 4% फीसदी पर रहेंगे

आशंका जताई जा रही है कि साल 2028 तक चीन इस बांध को बनाकर तैयार कर देगा. भारत के लिए पाक अधिकृत कश्मीर में बांध निर्माण करना ही सबसे बड़ी परेशानी का कारण है. यही नहीं इस बाबत भारत ने पाकिस्तान को कई बार चेताया है. इस मामले पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा बांध बनाने को लेकर उठाए गए कदम की भारत निंदा करता है. POK में किसी भी परियोजना के शुरू करने को लेकर हम लगातार चीन और पाकिस्तान के सामने चिंता जाहिर करते रहे हैं. Also Read - आजादी के 75 साल में पहली बार पाकिस्‍तान से तीर्थयात्र‍ी PIA की स्‍पेशल फ्लाइट से पहुंचेंगे भारत

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा ही रहेंगे. बता दें कि चीन की परियोजन CPEC और BRI का भारत काफी पहले से विरोध करता रहा है. क्योंकि बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव का रास्ता POK ही गुजरता है. बता दें कि पाक अधिकृत कश्मीर में अपने स्थित को मजबूत करने के लिए पाकिस्तान सरकार की तरफ से यहां एक कार्यवाहक सरकार गठित करने का फैसला किया गया है. भारत कब्जे वाले कश्मीर में चुनाव कराने का भी विरोध कर चुका है.