बीजिंग: समूह-7 (जी-7) शिखर सम्मेलन के लिए भारत, रूस, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया को आमंत्रित करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना पर चीन ने मंगलवार को नाराजगी भरी प्रतिक्रिया जतायी और कहा कि बीजिंग के खिलाफ किसी गुटबंदी का प्रयास नाकाम साबित होगा.Also Read - Tokyo Olympics 2020: रुपिंदर सिंह ने दागे दो गोल; भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने स्पेन को 3-0 से हराया

समूह-7 दुनिया की शीर्ष सात विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है. इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा शामिल हैं. जलवायु परिवर्तन, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था सहित विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा के लिए इन देशों के प्रमुखों की हर साल बैठक होती है. Also Read - चीन में तूफान इन-फा ने दस्‍तक दी , हेन्‍नान में 1000 सालों में सबसे अधिक बारिश, बाढ़ से 63 मौतें

ट्रंप ने जी-7 की बैठक सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी है. उन्होंने इच्छा व्यक्त की है कि इस ‘‘पुराने पड़ गए संगठन’’ का विस्तार किया जाए तथा इसमें भारत और तीन अन्य देशों को शामिल किया जाए तथा इसे जी-10 या जी-11 बनाया जाए. Also Read - बाढ़ आने में क्या है चांद का रोल? 2030 तक बदतर होगी स्थिति; ऑस्ट्रेलिया पर मंडराया खतरा

भारत और तीन अन्य देशों को जी-7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित करने की ट्रंप की योजनाओं के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने यहां मीडिया ब्रीफिंग में कहा, ‘‘ चीन का मानना ​​है कि सभी अंतरराष्ट्रीय संगठनों और सम्मेलनों को विभिन्न देशों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने वाला होना चाहिए, जिससे बहुपक्षीयता कायम रह सके और विश्व शांति तथा विकास को बढ़ावा मिल सके.’’

उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि यह दुनिया भर के देशों की भारी बहुमत की भूमिका है. उन्होंने कहा कि चीन के खिलाफ कोई भी गुटबंदी का प्रयास विफल होगा. ट्रंप द्वारा भारत और तीन अन्य देशों को आमंत्रित किए जाने से चीन में बेचैनी की भावना है.