बीजिंग। चीनी सेना ने भारतीय थलसेना प्रमुख विपिन रावत की इस टिप्पणी को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है कि भारत ढाई मोर्चे पर युद्ध के लिए तैयार है. चीनी सेना ने रावत से कहा कि वह युद्ध का शोर मचाना बंद करें.  रावत ने कुछ दिनों पहले कहा था कि चीन और पाकिस्तान के साथ-साथ अंदरूनी सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए भारत पूरी तरह तैयार है. Also Read - Border Dispute:भारत-चीन के बीच आज फिर होगी बातचीत, अब किन मोर्चों से हटेगी चीनी सेना?

भारतीय थलसेना प्रमुख की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के प्रवक्ता कर्नल वू क्वियान ने कहा कि ऐसा बड़बोलापन बेहद गैर-जिम्मेदाराना है. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, हमें उम्मीद है कि भारतीय थलसेना में एक खास शख्स ऐतिहासिक सबक से सीख लेंगे और युद्ध के लिए ऐसे शोर मचाना बंद करेंगे. Also Read - ऐसे हुआ था गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से भारतीय सेना का संघर्ष, चीन ने ही जारी किया उस रात का Video, देखें

जनरल रावत ने हाल में कहा था कि भारतीय थलसेना ढाई मोर्चों पर युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है. तब चीन की तरफ से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी. अब जब सिक्किम में भारत-चीन सीमा पर तनाव पसरा हुआ है, अब चीन ने इस पर प्रतिक्रिया जताई है. Also Read - China ने पहली बार माना, Galwan Valley में Indian Army से मुठभेड़ में मारे गए थे उसके 5 सैन्‍यकर्मी

कथित घुसपैठ की दिखाई तस्वीरें

उधर, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने एक अभूतपूर्व कदम में डोंगलोंग क्षेत्र में कथित भारतीय घुसपैठ की दो तस्वीरें मीडिया को दिखाईं और कहा कि जमीन पर सैनिकों के बीच गतिरोध बन रहे विवाद का हल क्षेत्र से भारतीय सैनिकों की वापसी से ही हो सकता है.

लू ने तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि अवैध घुसपैठ होने के बाद हमने नयी दिल्ली और बीजिंग में भारतीय पक्ष के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया है. उन्होंने कहा कि तस्वीरों को बाद में विदेश मंत्रालय की वेससाइट पर प्रकाशित की जाएगी. बाद में मंत्राालय ने अपनी वेबसाइट पर दोनों तस्वीरें अपलोड की.

उन्होंने कहा कि संवाद के लिए राजनयिक चैनल अबाधित है. हमने भारतीय पक्ष से अपने सैनिक तत्काल वापस बुलाने का अनुरोध किया. यह इस घटना के समाधान के लिए पूर्वशर्त और हमारे लिए किसी सार्थक बातचीत के लिए आधार है. लू ने एक सवाल के जवाब में कहा कि  हमने साफ कहा है कि वास्तविकता यह है कि भारतीय सैनिकों ने अवैध रूप से चीनी भूभाग में अवैध रूप से घुसपैठ की.  रक्षा प्रवक्ता क्यूइन ने मीडिया को संबोधित करते हुए भूटान के आरोप को खारिज कर दिया कि पीएलए के सैनिकों ने डोंगलोंग क्षेत्र का उल्लंघन किया है. उन्होंने कहा कि उसके सैनिक चीनी भूभाग में काम कर रहे थे. उन्होंने भारत से अपनी गलती ठीक करने को कहा.

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के प्रवक्ता ने भारतीय सैनिकों पर सिक्किम सेक्टर के डोंगलोंग क्षेत्र में चीनी भूभाग में प्रवेश करने का आरोप लगाया. प्रवक्ता ने कहा कि उन लोगों ने सामान्य गतिविधियां रोकने का प्रयास किया. चीन ने संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उचित कदम उठाए। उन्होंने कहा कि हमने भारत से साफ किया है कि वह अपनी गलती सुधारे और चीनी भूभाग से सभी सैनिकों को वापस बुलाए.

बढ़ रहा तनाव

सिक्किम में सीमा विवाद को लेकर भारत-चीन के बीच तनाव चरम पर है. भारतीय सीमा पर चीन की सड़क बनाने का भारतीय सैनिकों ने विरोध किया तो चीनी सैनिक धक्कामुक्की पर उतर आए. इसके बाद चीन ने नाथूला दर्रा का रास्ता रोककर कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर रोक लगा दी. चीन का कहना है कि जब तक भारत सिक्किम बॉर्डर से सैनिक नहीं हटाता वह सीमा विवाद पर भारत से बात नहीं करेगा.

सीमा पर टैंक का परीक्षण

वहीं, चीन की सेना ने आज कहा कि उसने भारतीय सीमा के निकट तिब्बत में एक हल्के वजन वाले युद्धक टैंक का परीक्षण किया है. पीएलए के प्रवक्ता कर्नल वू छियान ने कहा कि 35 टन के टैंक का परीक्षण तिब्बत के मैदानी इलाके में किया गया. वह मीडिया में आई उन खबरों का जवाब दे रहे थे जिनमें कहा गया था कि पीएलए ने नए तरह के टैंक का तिब्बत में परीक्षण किया है. यह पूछे जाने पर कि क्या यह परीक्षण भारत की तरफ लक्षित है तो प्रवक्ता ने कहा कि इस परीक्षण का मकसद उपकरण के मानक को परखना है और यह किसी देश के खिलाफ लक्षित नहीं है.

(भाषा इनपुट)