बीजिंग: ह्यूस्टन में चीनी दूतावास को बंद करने के अमेरिका के फैसले पर पलटवार करते हुए चीन ने शुक्रवार को वॉशिंगटन
से चेंगदू स्थित उसका दूतावास बंद करने को कहा. अमेरिकी कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने इसे तनाव में अभूतपूर्व वृद्धि करार दिया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी.Also Read - ताइवान में चीन की मनमानी : भेजे 39 लड़ाकू विमान, ताइवान ने की जवाबी कार्रवाई

चीनी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि चीन ने यहां स्थित अमेरिकी दूतावास को अपने फैसले की सूचना दे दी है कि वह चेंगदू में अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास की स्थापना एवं संचालन के लिए दी गई अपनी सहमति वापस लेता है. इसने कहा कि यह फैसला ह्यूस्टन दूतावास को बंद करने के अमेरिका के एकपक्षीय निर्णय के जवाब में है. साथ ही कहा कि चीन का फैसला अमेरिका की अनुचित कार्रवाइयों के लिए वैध एवं आवश्यक प्रतिक्रिया है. Also Read - शिवसेना का निशाना, कहा- BJP को चीन की ‘घुसपैठ’ के बारे में भी बोलना चाहिए, ना कि सिर्फ पाकिस्तान के बारे में

अमेरिका ने ह्यूस्टन में स्थित चीनी दूतावास को बंद करने का बुधवार को आदेश दिया था. उसने कहा था कि यह कदम,
”अमेरिकी बौद्धिक संपदा एवं निजी सूचना को संरक्षित” रखने के मकसद से उठाया गया. Also Read - India-China की 14वें दौर की सैन्‍य कमांडर स्‍तर की वार्ता विफल, लेकिन दोनों देश आगे बातचीत पर सहमत

अमेरिकी कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने इसे तनाव में अभूतपूर्व वृद्धि
करार दिया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी.

चीन ने गुरुवार को कहा कि ह्यूस्टन में उसके दूतावास को बंद करने के अमेरिकी सरकार के आदेश के पीछे, ”दुर्भावनापूर्ण
मंशा” थी और कहा कि उसके अधिकारियों ने कभी भी सामान्य कूटनीतिक नियमों से परे काम नहीं किया.

वांग ने कहा कि दूतावास को बंद करने का फैसला, ”अंतरराष्ट्रीय कानून एवं अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संचालित करने वाले मूल
नियमों का उल्लंघन” है तथा ”चीन-अमेरिका के रिश्तों को गंभीर रूप से कमजोर करता है.” वांग ने कहा, ”यह चीनी और
अमेरिकी लोगों के बीच दोस्ती के पुल को तोड़ना है.”