बीजिंग: चीन ने कोरोना वायरस के चलते सोमवार को जंगली जानवरों के व्यापार और उनके उपभोग पर व्यापक रोक लगाने की घोषणा की है. जंगली जानवरों के व्यापार और उपभोग को जानलेवा कोरोना वायरस के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है. वहीं, चीन ने घातक कोरोना वायरस के कारण पांच मार्च से शुरू हो रहे अपनी संसद के वार्षिक सत्र को स्थगित करने का सोमवार को निर्णय किया. Also Read - कोरोना वायरस : विश्व चैम्पियन पंकज आडवाणी, पूर्व हाकी कप्तान धनराज पिल्लै ने दिया योगदान

बता दें कि देश में घातक कोरोना वायरस से अब तक 2500 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 77 हजार से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं.स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को कहा 150 लोगों की मौत के साथ मृतकों की संख्या 2,592 हो गई है जबकि इससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 77 हजार हो गई है. Also Read - Coronavirus Update in Rajasthan: कोटा में एक ही परिवार के 9 लोग संक्रमित, एक दिन में 35 नए मामले

देश की शीर्ष विधायी समिति नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) ने ‘जंगली जानवरों के अवैध व्यापार, अत्याधिक उपभोग की खराब आदत पर रोक लगाने और लोगों के जीवन तथा स्वास्थ्य के प्रभावी संरक्षण’ से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इससे पहले 2002-2003 में ‘सार्स’ वायरस फैलने के दौरान जंगली जानवरों के व्यापार और उपभोग पर अस्थायी पाबंदी लगाई गई थी. सार्स के कारण सैंकड़ों लोगों की मौत हो गई थी. Also Read - coronavirus cases in uttar pradesh: सामने आए 30 नए मामले, 26 तबलीगी जमात से जुड़े लोग, आगे बढ़ सकता है लॉकडाउन

चाइना सेन्ट्रल टेलीविजन (सीसीटीवी) ने कहा कि कोरोनो वायरस महामारी ने “जंगली जानवरों के अत्यधिक उपभोग की बड़ी समस्या और इससे जन स्वास्थ्य तथा सुरक्षा को होने वाले खतरों को उजागर किया है.”

चीन ने दशकों बाद पहली बार संसद का वार्षिक सत्र स्थगित किया
चीन ने घातक कोरोना वायरस के कारण पांच मार्च से शुरू हो रहे अपनी संसद के वार्षिक सत्र को स्थगित करने का सोमवार को निर्णय किया. चाइना ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क टीवी ने कहा कि देश की शीर्ष विधायिका, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) की स्थायी समिति ने यहां मुलाकात की और कोरोनोवायरस के कारण एनपीसी के वार्षिक सत्र को स्थगित करने के मसौदे को मंजूरी दे दी. सरकारी मीडिया के अनुसार 13वीं एनपीसी के तीसरे सालाना सत्र की शुरुआत पांच मार्च से बीजिंग में होनी थी.