श्रीलंका (Sri Lanka) ने चीन (China) के एक जहाज पर रेडियोएक्टिव यूरेनियम (Radioactive Uranium) मिलने के बाद उसे तुरंत हंबनटोटा बंदरगाह (Port of Hambantota) छोड़ने के लिए कहा है. ये जानकारी बुधवार को संबंधित अधिकारियों ने दी. श्रीलंका नाभिकीय ऊर्जा प्राधिकरण (SLAEA) के शीर्ष अधिकारी अनिल रणजीत ने कहा कि जहाज रोटरडम बंदरगाह से चीन जा रहा था. इसी समय उसमें तकनीकी खामियां आ गईं और वह हंबनटोटा बंदरगाह पर पहुंच गया.Also Read - अमेरिका के स्कूल में कत्लेआम, जानिए खूनी इतिहास-कब-कब मासूमों पर बरसीं गोलियां

एसएलएईए ने कहा कि बंदरगाह पर लंगर डालने के समय पोत ने रेडियोएक्टिव यूरेनियम लदे होने की जानकारी नहीं दी. यह पोत चाइना मर्चेंट्स पोर्ट होल्डिंग कंपनी का है. जहां 20 अप्रैल को रात करीब नौ बजे बंदरगाह पर पहुंचा था. रणजीत ने कहा कि यह वाणिज्यिक पोत था जिस पर रेडियोएक्टिव यूरेनियम लदा हुआ था. उन्होंने कहा कि यह पदार्थ परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में ईंधन का काम करता है. Also Read - अमेरिका: टेक्सास के एक स्कूल में फायरिंग, 18 बच्चों समेत 21 की मौत; हमलावर ढेर

घटना पर विपक्ष के नेता सजीथ प्रेमदासा ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सरकार से उन रिपोर्ट्स पर स्पष्टीकरण देने की अपील की है जिसमें रेडियोएक्टिव मैटेरियल लिए एक जहाज हंबनटोटा बंदरगाह पर पहुंचा था. मालूम हो कि श्रीलंका ने हंबनटोटा बंदरगाह को चीन द्वारा संचालित मर्चेंट पोर्ट्स होल्डिंग्स लिमिटेड को 99 साल के लिए लीज पर दिया है. पड़ोसी देश का ये एक ऐस कदम है जिससे भारत की चिंताएं बढ़ गई हैं. Also Read - संयुक्त अरब अमीरात में Monkeypox का पहला मामला सामने आया, जानें क्या है इसके लक्षण