बीजिंग. बीजिंग के मध्य में विशाल शाओयांग पार्क में आज महात्मा गांधी के पसंदीदा भजन एवं सूत्र वाक्यों की गूंज सुनाई दी जहां हर तबके के लोग आज बापू की 148 वीं जयंती मनाने के लिए एकत्रित हुये थे. भारतीय दूतावास के एक सांस्कृतिक दल ने यहां गांधी की दैनिक प्रार्थना में गाया जाने वाला प्रसिद्ध भजन वैष्णन जन सुनाया. एक चीनी विद्यालय के लाल स्कार्फ के साथ हरे और सफ़ेद कपड़े पहने बच्चों के दल ने अपने विद्यालय द्वारा संकलित गांधी के सबसे लोकप्रिय सूत्र वाक्यों का वर्णन किया. Also Read - Army Day 2021: आर्मी चीफ का चीन को स्पष्ट संदेश, कहा- भारतीय सेना के धैर्य की परीक्षा न ले कोई देश, हम...

चीनी विद्यालय के बच्चों द्वारा वर्णित गांधीवादी सूत्र वाक्यों में, कमजोर कभी भी क्षमा नहीं करते क्षमाशीलता मजबूत व्यक्तियों की विशेषता है और शक्ति आपके शारीरिक बल से नहीं, बल्कि अदम्य इच्छा से आती है, और किसी राष्ट्र की महानता एवं उसकी नैतिक प्रगति का मूल्यांकन उसके यहां जानवरों पर किये गये सलूक से किया जा सकता है, शामिल हैं. Also Read - चीन को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का करारा जवाब, बोले- 'अगर कोई महाशक्ति हमारे सम्मान को ठेस पहुंचाएगी तो...'

mahatma gandhi jayanti 2017 top 5 movements for independence by the father of the nation | गांधी जयंती 2017ः बापू के इन 5 आंदोलन ने हिला दी थी अंग्रेजों की जड़ें

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गांधी के प्रशंसकों ने यहां पार्क में स्थापित बापू की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की. चीन के प्रशंसित मूर्तिकार और कलाकार युआन शिकुन ने वर्ष 2005 में यहां पार्क में गांधी की प्रतिमा स्थापित की थी. युआन ने यहां गांधी के अलावा रबींद्रनाथ टैगोर की आवक्ष प्रतिमा भी बनाई थी जिसे पार्क से जुड़े संग्रहालय में प्रदर्शित किया गया है. यहां आज के इस कार्यक्रम में कई भारतीय राजनयिक, चीन में गांधी के प्रसंशक और वहां रह रहे भारतीय शामिल हुये. Also Read - WHO की एक्‍सपर्ट टीम COVID-19 वायरस की उत्‍पत्ति का पता लगाने चीन के वुहान शहर में पहुंची

यहां भारतीय दूतावास संबंधी मामलों के प्रभारी बी विल्सन बाबू ने यहां अपने संबोधन में कहा कि गांधी की अहिंसा के लिए वकालत ने उपनिवेशवाद को खत्म किया. आजादी के लिए संघर्ष को प्रभावित किया और उनकी लड़ाई के तरीके ने मार्टिन लूथर किंग तथा नेल्सन मंडेला जैसे दुनिया के अनेक नेताओं को प्रेरित किया. उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र ने दो अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित किया है.