बीजिंग: चीन ने चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण पर मंगलवार को भारत को बधाई दी और अंतरिक्ष में अन्वेषण के लिए भारत के साथ काम करने की इच्छा प्रकट की. विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने एक सवाल पर संवाददाताओं से कहा, ”इसकी बधाई. हमने संबंधित खबरें देखी हैं और हम भारत के इस कामयाब प्रक्षेपण का स्वागत करते हैं.” बता दें कि यदि यह मिशन सफल रहा तो उससे भारत रूस, अमेरिका और चीन के बाद चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन जाएगा.

विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, ”चीन बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण इस्तेमाल को लेकर प्रतिबद्ध है और हम इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय संचार और सहयोग में सक्रियता से जुड़े हैं. मानवता को और फायदा प्रदान करने के लिए हम भारत के साथ अंतरिक्ष के लिए काम करना चाहेंगे.”

भारत ने सोमवार को श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से अपने शक्तिशाली रॉकेट जीएसएलवी-एमकेIII-एम1 के जरिए ‘चंद्रयान 2’ का सफल प्रक्षेपण किया. चंद्रयान-2 चंद्रमा के अब तक अनछुए रहे दक्षिणी ध्रुव में एक रोवर को लैंड करेगा, जो चंद्रमा के इस क्षेत्र की पड़ताल कर वहां से नई-नई जानकारियां जुटाएगा.

तीन मोड्यूल- ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर वाला 3850 किलोग्राम वजनी ‘चंद्रयान -2’को पृथ्वी की कक्षा में पहुंचाया गया. अगले कुछ हफ्तों में‘चंद्रयान-2’चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरने से पहले महत्वपूर्ण अभियान चरणों से गुजरेगा.

देश के महत्वाकांक्षी निम्न लागत अंतरिक्ष कार्यक्रम के तहत एक लंबी छलांग लगाते हुए इसरो ने सबसे जटिल और अपने प्रतिष्ठित मिशन को हाथ में लिया है. जिसका लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर रोवर को उतारना है. यदि यह मिशन सफल रहा तो उससे भारत रूस, अमेरिका और चीन के बाद चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन जाएगा.

इसरो ने कहा है कि चंद्रयान -2 के रॉकेट से अलग होने के तत्काल बाद इस अंतरिक्ष यान का सौर पैनल अपने आप तैनात हो गया और बेंगलुरु में इसरो के टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमान नेटवर्क ने इस अंतरिक्ष यान का नियंत्रण सफलतापूर्वक अपने हाथ में ले लिया.