युद्धविराम सिर्फ दिखावा! ईरान से मिलकर पर्दे के पीछे चीन रच रहा है बड़ी साजिश, अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट से मचा हड़कंप

एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी इंटेलिजेंस को पता चला है कि चीन अगले कुछ हफ्ते के अंदर ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम देने की तैयारी कर रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह एक भड़काऊ कदम होगा.

Published date india.com Published: April 11, 2026 11:48 AM IST
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

America-Iran peace talks: पाकिस्तान में आज अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर बात हो रही है. दोनों देशों के प्रतिनिधि इस वार्ता के लिए इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं. लेकिन, इस बीच एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं. इसमें बताया गया है कि युद्धविराम की आड़ में चीन एक बड़ा खेल करने की तैयारी में है.

क्या है खुफिया रिपोर्ट में?

अमेरिकी मीडिया संस्थान CNN की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी इंटेलिजेंस को पता चला है कि चीन अगले कुछ हफ्ते के अंदर ईरान को नए एयर डिफेंस सिस्टम देने की तैयारी कर रहा है. इंटेलिजेंस रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि ईरान इस युद्धविराम का इस्तेमाल अपने प्रमुख विदेशी साझेदारों की मदद से कुछ हथियार प्रणालियों को फिर से भरने के अवसर के रूप में कर सकता है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह एक भड़काऊ कदम होगा क्योंकि चीन ने युद्धविराम समझौते में मध्यस्थता करने में मदद की थी. सूत्रों के हवाले से चीन ने बताया है कि चीन हथियारों की खेप को तीसरे देशों के रास्ते ईरान भेजने की कोशिश कर रहा है.

ईरान को कौन से हथियार देने वाला है चीन?

इंटेलिजेंस रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन ईरान को कंधे से दागी जाने वाली एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलें देने वाला है. पहले ही MANPADs प्रणालियों ने एक महीने से ज्यादा चले
युद्ध के दौरान कम ऊंचाई पर उड़ने वाले अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए एक खतरा पैदा किया था. अगर युद्धविराम टूट जाता है तो ईरान फिर से इन कंधे से दागी जानी वाली मिसाइलों का इस्तेमाल अमेरिका के खिलाफ कर सकता है.

चीन का क्या कहना है?

ईरान को हथियार देने से जुड़े मामले पर वाशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा है कि चीन ने संघर्ष में शामिल किसी भी पक्ष को कभी हथियार नहीं दिए हैं. अमेरिका में चीनी दूतावास ने कहा है कि अमेरिका खुफिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी असत्य है. चीन ने कहा है कि एक जिम्मेदार बड़े देश के तौर पर वह अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करता है. हम अमेरिकी पक्ष से आग्रह करते हैं कि वे बेबुनियाद आरोप लगाने, दुर्भावनापूर्ण ढंग से संबंध जोड़ने और सनसनी फैलाने से परहेज करें.

शांति वार्ता में कौन ले रहा है हिस्सा?

अमेरिका-ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता इस्लामाबाद के सेरेना होटल में होगी. इस बैठक में ईरान की तरफ से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ शामिल हो रहे हैं. अमेरिका के प्रतिनिधि मंडल की अगुवाई उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस कर रहे हैं. इसमें डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल हैं.

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