बीजिंग: चीन इन दिनों एख बड़ी मुश्किल का सामना कर रहा है. चीन की एवरग्रांडे संकट का असर पूरी दुनिया के अर्थ तंत्र पर देखने को मिल रहा है. इस बीच एक नई संकट चीन में दस्तक दे चुकी है. दरअसल यहां अब बिजली की संकट उत्पन्न हो गई है. बिजली की बढ़ती मांग और कोयले व गैस की बढ़ती किमतों व उत्सर्जन में कटौती के लिए चीन में बिजली खपत पर कार्रवाई जारी है. ऐसे में चीन में बिजली संकट गहरा चुका है. लोगों को अंधेरे में रात काटनी पड़ रही है. वहीं बिजली की किल्लत इतनी बढ़ गई है कि संभावना जताई जा रही है कि यह चीन की अर्थव्यवस्था को भी चोट पहुंचा सकती है. इसका सीधा असर वैश्विक बाजार पर देखने को मिल सकता है.Also Read - MP News: सीएम शिवराज का बड़ा ऐलान-आपलोग बिल्कुल चिंता ना करें, किसानों को हम देंगे सस्ती बिजली

अंधेरे में चीन का साम्राज्य Also Read - Power Crisis: बिजली संकट के बीच राजस्थान के CM अशोक गहलोत ने राज्य के लोगों से की यह अपील...

उत्तरी चीन के कई प्रांतों में बिजली की भारी किल्लत है. शहरों की ट्रैफिक लाइट तक के बंद होने की सूचना मिल रहा है. वहीं इस कारण हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिल रहा है. बता दें कि गुआनदोंग एक औद्योगिक केंद्र है और यहां लोगों को अपने घरों में प्राकृतिक रोशनी व एसी के इस्तेमाल की सलाह दी गई है. फैक्ट्रियों व कारखानों में पहले से ही बिजली की कटौती की जा रही है. इससे चीन के अंदर ही उपभोक्ताओं को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. चीन के नोमुरा होल्डिंग्स लिमिटेड और चाइन इंटरनेशनल कैपिटल कॉर्प ने बिजली कमी की वजह से विकास के अनुमान को कम कर दिया है. Also Read - Coal Shortage: कोयले की कमी से पंजाब में बिजली कटौती शुरू, अधिकारी बोले- स्थिति गंभीर हो गई है

ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि वैश्विक बाजार में सप्लाई चैन बाधित हो सकता है और इस कारण पूरी दुनिया में व्यापार में कमी हो सकती है. बता दें कि चीन में बिजली कटौती की दो अहम वजहें हैं. कुछ प्रांतो ने उत्सर्जन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए औद्योगिक कटौती का आदेश दिया है. जबकि अन्य को बिजली की वास्तविक कमी का सामना करना पड़ रहा है.

लिओनिंग, जिलिन और हेइलोंगजियांग जो उत्तरी प्रांत में स्थित हैं. वहां वीकेंड पर लोगों को ब्लैक आउट का सामना करना पड़ रगहा है. सड़कों पर ट्रैफिक लाइट्स तक बंद हो रहे हैं. ऐसे में अफरा-तफरी का माहौल उत्तरी प्रांत में देखने को मिल रहा है. चीनी मीडिया की मानें तो बिजली की यह दिक्कत अगले साल मार्च तक हो सकती है. वहीं संभावना जताई जा रही है कि पानी की कटौती भी की जा सकती है.