E-Waste Gold: चीन के वैज्ञानिकों ने ई वेस्ट से सोना निकालने की नई तकनीक विकसित की है. दावा है नई तकनीक इलेक्ट्रॉनिक कचरे से मौजूदा मार्केट प्राइस के एक तिहाई से भी कम कीमत पर सोना निकाल लेती है. वहीं इस प्रक्रिया में मात्र 20 मिनट का वक्त लगता है.
किन-किन उपकरणों से निकलता है
साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक सोने की इस माइनिंग विधि से पुराने मोबाइल फोन और कंप्यूटर में बेकार पड़े सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) और घरेलू उपकरणों से केमिकल वॉशिंग के ज़रिए निकाले गए प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) से कीमती धातुएंनिकाली जाती हैं.
ज्यादा सोना निकल जाता है
यह रूम टेम्परेचर पर बेकार CPU और PCB से 98.2 परसेंट से ज़्यादा गोल्ड लीचिंग एफिशिएंसी हासिल करता है, साथ ही पैलेडियम के लिए 93.4 परसेंट एक्सट्रैक्शन रेट भी देता है. शोधकर्ताओं का दावा है कि पुराने तरीकों के मुकाबले बहुत कम पॉल्यूशन होता है.
फायदेमंद बिजनेस
रिसर्चर्स के मुताबिक, 10 किलो PCB को ट्रीट करने से लगभग 1.4 गोल्ड मिल सकता है, जिसकी कुल लागत लगभग सात हजार रुपये है. यह अब तक का सबसे कॉस्ट-एफिशिएंट तरीका है और ई-वेस्ट गोल्ड रीसाइक्लिंग को एक बहुत ही फायदेमंद बिज़नेस बनाता है:
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क्यों चीन को चाहिए ये तकनीक
चूंकि चीन हर साल कई मिलियन टन ई-वेस्ट पैदा करता है, इसलिए यह टेक्नोलॉजिकल सफलता रिसोर्स की कमी और एनवायरनमेंटल नुकसान, दोनों के लिए एक संभावित गेम-चेंजिंग सॉल्यूशन देती है, क्योंकि बीजिंग अर्बन माइनिंग को सस्टेनेबल प्रेशियस मेटल रिकवरी के भविष्य के तौर पर देखता है.
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