ताइपे: ताइवान में शुक्रवार को अमेरिकी दूत ने इस स्व-शासित द्वीप के नेताओं से मुलाकात की और इस दौरान चीनी सेना ने अप्रत्याशित तौर पर शक्ति प्रदर्शन करते हुए ताइवानी क्षेत्र में लड़ाकू जेट समेत 18 विमान उड़ाए. अमेरिकी विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी कीथ क्रैच ने ताइवान के आर्थिक मामलों के मंत्री और उप प्रमुख के साथ चर्चा की. उन्होंने उद्योग जगत के नेताओं से भी मुलाकात की और राष्ट्रपति साई इंग वेन के साथ भोजन किया. Also Read - जल्द छोड़ा जाएगा हिरासत में लिया गया चीनी सैनिक, भारतीय सेना ने दिए गर्म कपड़े और खाना

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि चीन के 18 लड़ाकू विमानों ने ताइवान के वायु रक्षा क्षेत्र में प्रवेश किया. उन्होंने कहा कि ताइवान ने चीनी विमानों की आवाजाही पर निगरानी रखी. वहीं, चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेन ग्योकियांग ने इसे ‘‘राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए ताइवान स्ट्रेट की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर की गई एक वैध और आवश्यक कार्रवाई’’ करार दिया. Also Read - LAC Dispute: भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर बातचीत के लिए तैयार, 8वें दौर की वार्ता हो सकती है इस सप्ताह

गौरतलब है कि चीन ताइवान को अपना क्षेत्र मानता है और इस स्वशासित द्वीप और अन्य किसी देश के बीच किसी भी तरह की औपचारिक वार्ता का सख्ती से विरोध करता है. कीथ दशकों बाद इस द्वीप का दौरा करने वाले विदेश मंत्रालय के पहले उच्च स्तरीय अधिकारी हैं. Also Read - ट्विटर ने जम्मू-कश्मीर को बताया चीन का हिस्सा, भड़के लोगों ने रविशंकर प्रसाद से की कार्रवाई की मांग

इससे पहले अगस्त में अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री एलेक्स अजर ताइवान के दौर पर आए थे. 1979 में अमेरिका और ताइवान की सरकार के बीच आधिकारिक संबंध समाप्त होने के बाद किसी उच्च स्तरीय अमेरिकी अधिकारी का वह पहला ताइवान दौरा था. अमेरिका ने ताइवान के साथ आधिकारिक राजनयिक संबंध समाप्त होने के बाद भी अनौपचारिक संबंध बनाए रखे और वह द्वीप का सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी और रक्षा साजो सामान का आपूर्तिकर्ता है.

(इनपुट भाषा)