वॉशिंगटन। चीन के साथ व्यापार युद्ध में उलझे अमेरिका ने चीन को अपना सबसे बड़ा खतरा बताया है. अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा कि अपनी आर्थिक ताकत के साथ आक्रामक सेना वाली और बौद्धिक संपदा और धार्मिक अल्पसंख्यकों से भयावह तरीके से पेश आने वाली चीन की सरकार देश के लिए रूस से ज्यादा बड़ा खतरा है. Also Read - Desert Knight 21: आसमान में पहली बार गरजे राफेल, भारत-फ्रांस की एयरफोर्स ने किया युद्धाभ्यास

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उन्होंने चीन की सरकार को सबकुछ अपने नियंत्रण में रखने वाली और गैर पारदर्शी बताया. उन्होंने यह भी कहा कि चीन कई चुनौतियां पेश कर रहा है. Also Read - चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा- वित्तीय आंकड़ों का जानें क्या है गणित...

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पोम्पिओ ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा, व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में रूस अब भी धौंस जमाता है. हमें उन्हें रोकने की जरुरत है. लेकिन लंबे समय में अगर आप उन चीजों पर ध्यान दें जो अमेरिकियों की आजीविका के लिए खतरा है, जो अमेरिका की आर्थिक वृद्धि को खतरे में डालती है तो चीन, अमेरिका के लिए ज्यादा बड़ा खतरा है.

उन्होंने कहा, यह गैर पारदर्शी सरकार है. यह अत्यंत केंद्रीकृत सरकार है. यह हमारी बौद्धिक संपदा, अपने धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भयावह तरीके से पेश आती है.

व्यापार युद्ध हुआ तेज

बता दें कि अमेरिका और चीन के बीच इन दिनों कई मुद्दों पर मतभेद गहरा गए हैं. दोनों ओर से एक दूसरे पर व्यापार शुल्क लगाए जा रहे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को चीन से 200 अरब डॉलर के और आयात पर नया शुल्क लगाने की घोषणा की. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध और गहरा गया. चीन पर अनुचित व्यापार व्यवहार का आरोप लगाते हुए ट्रंप ने कहा कि अतिरिक्त शुल्क ढांचा 24 सितंबर से प्रभावी होगा. इस साल के अंत तक यह कम से कम 10 प्रतिशत होगा, जबकि एक जनवरी से यह बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाएगा.